नई दिल्ली : अगले साल से हवाई सफर करना सस्ता हो सकता है। इसकी वजह है दो नई एयरलाइंस अकासा और जेट एयरवेज 2.0 की लॉन्चिंग। शेयर बाजार के बिग बुल राकेश झुनझुनवाला के निवेश वाली अकासा अल्ट्रा लो कॉस्ट एयरलाइन है तो वहीं जेट एयरवेज अपने नए मालिक के साथ उड़ान भरेगी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन एयरलाइंस के आने से तुरंत ही एयर फेयर में गिरावट देखने को मिल सकती है। इसका सीधा फायदा पैसेंजर्स को होगा। हालांकि, मार्केट के पूरी तरह से डिसरप्ट होने में 2-3 सालों का समय लग सकता है, जब ये दोनों एयरलाइन अपने स्केल को बढ़ा लेगी। जेट एयरवेज 2.0 के नए प्रमोटर्स को अगले तीन सालों में 50 विमान शामिल करने की उम्मीद है। कर्ज में दबे होने के कारण जेट एयरवेज अप्रैल 2019 में ग्राउंडेड हो गई थी। इससे पहले एयरलाइन को साउथ एशियन नेशन की सबसे बड़ी प्राइवेट एयरलाइन का दर्जा हासिल था। मिंट ने एक अधिकारी के हवाले से लिखा, अकासा के आने से उसी तरह का डिसरप्शन पैदा हो सकता है जैसा कि किंगफिशर एयरवेज के 2005-06 में लांच होने के बाद पैदा हुआ था। अकासा एयर ने 72 बोइंग 737 मैक्स जेट का ऑर्डर दिया है। इन विमानों की कुल कीमत 9 अरब डॉलर है। इनकी डिलीवरी अगले साल से शुरू होगी। एविएशन मार्केट का लीडर इंडिगो है, जिसके बेड़े में लगभग 278 विमान हैं। अक्टूबर 2021 तक इसका मार्केट शेयर लगभग 50प्रतिशत था। अब आने वाले दिनों में अकासा और जेट एयरवेज 2.0 के साथ-साथ एयर इंडिया से इसे टक्कर मिल सकती है। टाटा ग्रु, ने हाल ही एयर इंडिया और इसकी लो-कॉस्ट सब्सिडियरी एयर इंडिया एक्सप्रेस के लिए बोली जीती थी। टाटा को दिसंबर के अंत तक इसका पूरा कंट्रोल मिल सकता है। इसके बाद टाटा ग्रु एविएशन मार्केट में 25-30प्रतिशत के मार्केट शेयर के साथ दूसरा बड़ा एयरलाइन प्लेयर बन जाएगा।
हवाई सफर सस्ता होगा : अगले साल लांच हो रही अकासा व जेट एयरवेज 2.0