गुवाहाटी : इस बार असम के लोग माघ बिहू के उरुका की रात दिल खोलकर मस्ती नहीं कर सकेंगे। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिया कि माघ बिहू के उरुका की रात 10 बजे के बाद कोई भेलाघर में नहीं रह सकता और सुबह 6 बजे के बाद ही घर से निकल कर मेजी जला सकेंगे। उरुका की रात को 10 बजे के बाद सामूहिक दावत होने पर कोविड के ओमिक्रोन वैरिएंट के संक्रमण की संभावना के कारण सरकार ने कोविड कर्फ्यू का कठोरता से अनुपालन का निर्देश दिया है। हालांकि 31 दिसंबर को नववर्ष का जश्न मनाने के लिए सरकार ने कोविड कर्फ्यू में ढील दी थी और शासक ीय दल के मंत्री-विधायक हजारों समर्थकों सहित पिकनिक मनाने गए थे। कोविड संक्रमण की आशंका से स्कूलों में पाठदान कार्य बंद रखा गया है परंतु डिमौ नदी की रेत पर हजारों समर्थकों के साथ खुद शिक्षामंत्री दावत में शरीक हुए। एसपी सम्मेलन में पूरी तरह कोविड उपयुक्त व्यवहार का अनुपालन करने के बावजूद कई पुलिस अधिकारी कोविड संक्रमित पाए गए। जहां शासक दल के मंत्री-सांसद-विधायक दल के खातिर हजारों लोगों के समारोह में कोविड उपयुक्त व्यवहार को पैरों से कुचल देने में नहीं हिचकते वहीं उरुका की रात अगर कुछ लोग इकट्ठे होकर भेलाघर में दावत मनाते हैं तो कोविड फैलने की आशंका जताई जा रही है।
कोरोना की मार : बिहू के उरुका का खुलकर नहीं मना सकेंगे जश्न