नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर इन राज्यों की जनता को बधाई दी और देश के विकास में उनके योगदान की प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने कहा कि तीनों ही राज्य में ‘‘डबल इंजन’’ की सरकारों की मार्फत तेज गति से विकास हो रहा है। तीनों राज्यों के लिए अलग-अलग वीडियो संदेश जारी करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के राज्यों में रेल, सड़क और हवाई संपर्क बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध है और आज ना सिर्फ सभी राज्य नयी बुलंदियों की तरफ बढ़ रहे हैं बल्कि कुछ तो ‘‘ट्रेड कॉरिडोर’’ का केंद्र भी बन रहे हैं। मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा आज अपना स्थापना दिवस मना रहे हैं। 21 जनवरी, 1972 को इन्हें पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ था। प्रधानमंत्री ने त्रिपुरा की स्थापना के 50 साल पूरा होने के अवसर पर राज्य की जनता को बधाई देते कहा कि पूर्वोत्तर का यह राज्य आज ना सिर्फ नयी बुलंदियों की तरफ बढ़ रहा है बल्कि वह ‘‘ट्रेड कॉरिडोर’’ का केंद्र भी बन रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘आज त्रिपुरा के सामान्य जन की छोटी-छोटी जरूरतें पूरा करने के लिए डबल इंजन की सरकार निरंतर काम कर रही है। तभी तो विकास के अनेक पैमानों पर त्रिपुरा आज बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है। आज बड़े संपर्क अवसंरचना के माध्यम से यह राज्य ट्रेड कॉरिडोर का हब बन रहा है।’’ उन्होंने कहा कि इतने दशकों तक जिस त्रिपुरा के पास शेष भारत से जुड़ने का सिर्फ एकमात्र जरिया रोड ही था उस त्रिपुरा में आज रोड के साथ-साथ रेल, हवाई, इनलैंड वॉटरवे जैसे अनेक माध्यम मिल रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि राज्य बनने के अनेक साल तक त्रिपुरा बांग्लादेश के चटगांव बंदरगाह के लिए पहुंच सुनिश्चित करने की मांग कर रहा था जिसे केंद्र व प्रदेश की ‘‘डबल इंजन’’ की सरकार ने पूरा किया। आम तौर पर भाजपा के नेता केंद्र व राज्य में अपनी ही पार्टी को ‘‘डबल इंजन’’ की सरकार कहते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रशासन में पारदर्शिता से लेकर आधुनिक अवसंरचना विकास तक आज जिस त्रिपुरा का निर्माण हो रहा है, वह आने वाले दशकों के लिए राज्य को तैयार करेगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस अवसर पर एक वीडियो संदेश में राज्य की जनता को बधाई दी। उन्होंने वाम दलों पर हमला बोलते हुए शुक्रवार को कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ हिंसा फैलाना कम्युनिस्टों का इतिहास रहा है। शाह ने कहा कि राज्य में 2018 में सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने शांति बहाल की है और समाज के सभी वर्गों का सर्वांगीण विकास किया है। उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ हिंसा कम्युनिस्टों का इतिहास रहा है। त्रिपुरा में कम्युनिस्ट शासन के दौरान अनेक भाजपा कार्यकर्ता मारे गये, कई घर तबाह कर दिये गये और त्रिपुरा में कम्युनिस्ट शासन के दौरान हमारे अनेक कार्यकर्ता सालों तक घर नहीं जा सके।’’ प्रधानमंत्री ने मेघालय की जनता के नाम अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के इस प्रदेश में रेल, सड़क और हवाई संपर्क बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ड्रोन के माध्यम से कोविड-19 टीकों की आपूर्ति करने वाले पहले राज्य की उपलब्धि हासिल करने पर मेघालय की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले सात सालों में केंद्र सरकार ने पूरी ईमानदारी से मेघालय की विकास यात्रा को तेज करने का प्रयास किया है। विशेष रूप से बेहतर रोड, रेल और हवाई संपर्क सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां के जैविक उत्पाद को देश और विदेश में नए बाजार मिले, इसके लिए प्राथमिकता के आधार पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, राष्ट्रीय आजीविका मिशन जैसे कार्यक्रमों से मेघालय को बहुत लाभ हुआ है और जल जीवन मिशन की वजह से मेघालय में नल से जल प्राप्त करने वाले घरों की संख्या 33 प्रतिशत हो गयी है।  उन्होंने कहा कि आज देश जब जन सुविधाओं की आपूर्ति के लिए ड्रोन टेक्नोलॉजी का बड़े स्तर पर उपयोग करने की तरफ बढ़ रहा है, तब मेघालय देश के उन शुरुआती राज्यों में शामिल हुआ है, जिसने ड्रोन से कोरोना टीकों की आपूर्ति की। ये बदलते मेघालय की तस्वीर है।  प्रधानमंत्री ने कहा कि मेघालय ने बहुत कुछ हासिल किया है, लेकिन अभी भी मेघालय को बहुत कुछ हासिल करना बाकी है। उन्होंने कहा कि पर्यटन और जैविक खेती के अलावा भी मेघालय में नए क्षेत्रों के विकास के लिए प्रयास जरूरी हैं। मैं आपके हर प्रयास के लिए आपके साथ हूं।