गुवाहाटी : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को दिसपुर में आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में प्रशासनिक सुधार, सड़क तथा ग्रामीण अवसंरचना विकास तथा मोरियानी के आर्थिक रूप में पिछड़े 103 परिवारों को जमीन आबंटन सहित कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने बजाली, बक्सा, विश्वनाथ, बंगाईगांव, कछार, चराईदेव, दरंग, डिब्रुगढ़, ग्वालपाड़ा, गोलाघाट, हैलाकांडी, जोरहाट, कामरूप, कामरूप (एम), कार्बी आंग्लांग, करीमगंज, कोकराझार, लखीमपुर, माजुली, मोरीगांव, नगांव, नलबाड़ी, शिवसागर, सोनितपुर, दक्षिण सलमारा-मनकाचर और तिनसुकिया जिले में 114 सड़क सह तटबंधों के उन्नयन और 6 ग्रामीण पुलों के निर्माण के लिए 985 करोड़ रुपये की मंजूरी को भी मंजूरी दी। उन्नत सड़क अवसंरचना के तहत कैबिनेट ने कोकराझार-रूपसी हवाई अड्डे की सड़क, कक्साबाड़ी-हवाजान से घाग्राबस्ति होकर गहपुर-धलपुर पथ, डिराक गैट-बिजलीवन से डिराग गैट-पेंगेरी पथ, रौता-मिसामारी पथ (रौता-कनाकाटा अंश) और रौता-मिसामारी पथ (कनाकाटा-फुलगुड़ी अंश). ये पांच सड़क परियोजना के लिए 1,031 करोड़ रुपए की मंजूरी दी। कैबिनेट ने असम कार्यकारी व्यवसाय नियमावली, 1968 के पुनरीक्षण में भी मंजूरी दे दी। भारतीय हवाई अड्डे प्राधिकरण द्वारा जोरहाट (ररैया) हवाई अड्डे के विस्तार के लिए 124 बीघा 14.92 लोसा व्यक्तिगत जमीन के अधिग्रहण के लिए 156 करोड़ रुपए की मंजूरी दी। इसके साथ कैबिनेट ने असम राज्य के प्रतीक चिह्न को अंतिम रूप देने के लिए शिक्षामंत्री डॉ. रनोज पेगु तथा स्वास्थ्यमंत्री केशव महंत के नेतृत्व में एक समिति गठित की। बैठक में पीएम गति शक्ति के समुचित क्रियान्वयन की निगरानी के लिए एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स बनाने का भी निर्णय लिया गया। मंत्रि-परिषद ने तामूलपुर जिले में नवीन चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के निर्माण के लिए 450 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की। मोरियानी शहर के 103 आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों को गुवाहाटी मेट्रोपॉलिटन ईलाके के बराबर किश्तों के हिसाब से जमीन आबंटित करने में कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। कैबिनेट में फैसला लिया गया कि सिलचर पौर सभा को पौर निगम के रूप में उन्नीत करके राज्यिक चुनाव आयोग इसके लिए चुनाव आयोजित करेगा। इसके लिए कछार जिला उपायुक्त दो महीने में सीमा विस्तार तथा निर्धारण करके प्रस्ताव दाखिल करेंगे।दूसरी ओर राज्य मंत्रिमंडल ने बुधवार को राज्य के बेहतर और महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व के लिए राज्य के प्रतीक को अंतिम रूप देने के लिए एक पैनल बनाने को अपनी मंजूरी दे दी है। पैनल में दो कैबिनेट मंत्री होंगे जो जल्द ही प्रतीक चिन्ह बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। उपरोक्त आशय की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने कहा कि राज्य प्रतीक को अंतिम रूप देने के लिए दो मंत्रियों डॉ.रनोज पेगु और केशव महंत की अध्यक्षता में एक कैबिनेट समिति का गठन किया गया है जो असम की विशेषताओं को दर्शाते हुए इसे प्रतिनिधित्व करने के लिए इसे अंतिम रूप देंगे। वर्तमान में राज्य सरकार ने सरकारी उपयोग के लिए किसी विशिष्ट प्रतीक को नहीं अपनाया और इसके बजाए ऊपर असमिया लिपि में असम सरकार और नीचे रोमन लिपि में गर्वरमेंट ऑफ असम शब्दों के साथ भारत के राष्ट्रीय प्रतीक का उपयोग करता है।
राज्य कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण फैसले