मॉस्को : रूस ने अपनी उन मीडिया रिपोर्ट्स को सीधे तौर पर नकार दिया है, जिनमें कश्मीर की तुलना फलस्तीन से की गई है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सरकार ने इस विवाद पर बयान जारी कर कहा कि कश्मीर पर कोई भी बात भारत-पाकिस्तान का आपसी मसला है। पुतिन सरकार का यह बयान रेडफिश डिजिटल मीडिया की ओर से किए गए उस ट्वीट के बाद आया है, जिसमें उसने कश्मीर पर बनाई एक डॉक्यूमेंट्री की झलक दिखाई थी और कश्मीर की फलस्तीन से तुलना कर दी थी। ट्विटर पर रेडफिश डिजिटल मीडिया को रूस की सरकारी मीडिया बताया गया है। अपनी वेबसाइट पर रेडफिश खुद को कई अवॉर्ड जीतने वाला डिजिटल कंटेंट क्रिएटर बताता है। इसी डॉक्यूमेंट्री को लेकर उठे विवाद के बाद रूसी दूतावास ने बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि कश्मीर पर रूस की आधिकारिक स्थिति काफी स्पष्ट है। हम द्विपक्षीय विवादों में कभी दखल न देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कश्मीर मसले का हाल भारत और पाकिस्तान के बीच ही हो सकता है और यह सिर्फ 1972 के शिमला समझौते और 1999 के लाहौर डिक्लेरेशन के तहत ही पूरा होगा। दूतावास ने कहा कि ट्विटर पर रेडफिश की रूसी सरकारी मीडिया के तौर पर गलत पहचान की गई है। इसका सरकार के समर्थन से कई लेना-देना नहीं है। यह चैनल पूरी तरह स्वतंत्र है और अपनी संपादकीय नीतियों के तहत चलता है। हालांकि, इस पूरे मामले की जटिलता और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को दखते हुए किसी भी पेशेवर मीडिया से संतुलित परिप्रेक्ष्य की उम्मीद की जाती है।
रूसी मीडिया में उठा कश्मीर का मुद्दा