देहरादून : पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगने के मामले में राहुल गांधी पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने कभी उनके पिता के बारे में सबूत नहीं मांगा।  प्रदेश में 14 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के पक्ष में प्रचार करते हुए असम के मुख्यमंत्री  ने कहा कि देश के प्रथम रक्षा प्रमुख दिवंगत बिपिन रावत के नेतृत्व में पाकिस्तान में सेना की ओर से की गई सर्जिकल स्ट्राइक का गांधी ने सबूत मांगा। उन्होंने कहा कि क्या मैंने कभी सबूत मांगा कि आप राजीव गांधी के बेटे हो या नहीं। इस संबंध में डॉ. शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को सेना के यह कहने पर विश्वास करना चाहिए कि उन्होंने पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक की और इसमें कोई विवाद नहीं होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस की इस बात के लिए भी आलोचना की कि कभी जनरल रावत को सड़क का गुंडा कहने वाली कांग्रेस आज उनके कटआउट लगाकर उनके नाम पर वोट मांग रही है। उत्तराखंड में मुस्लिम विश्वविद्यालय के कथित वादे पर असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल व कांग्रेस नेताओं में जिन्ना की आत्मा बस गई है और वे वही बात कर रहे हैं कि जो देश विभाजन के दोषी जिन्ना कहा करते थे। उन्होंने कहा कि हम स्वयं असम में कांग्रेस की सरकारों के अलसंख्यक तुष्टीकरण के दाग अभी तक धो रहे हैं। यहां भी कल तक नमाज की छुट्टी घोषित करने वाले कांग्रेसी नेता बंद कमरों में मुस्लिम यूनिवर्सिटी का वादा कर रहे हैं। भाजपा कभी देवभूमि में कांग्रेस की इस मंशा को पूरा नहीं होने देगी।  उन्होंने जनता से कांग्रेस को एक बार नहीं बार-बार हराने की अपील की। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के स्वयं को भीष्म बताने संबंधी बयान के बारे में असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पता है कि वह कौरवों के साथ हैं और चुनावी महाभारत में हारने वाले हैं। उन्होंने कहा कि जनता भाजपा को एक बार फिर आशीर्वाद देकर विजयी बनाएगी।