चंडीगढ़ : पूर्व प्रधानमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीत केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पिछले सात साल से अधिक समय से सत्ता में है, लेकिन लोगों की समस्याओं के लिए वह अब भी देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को दोषी ठहरा रही है। सिंह ने किसान आंदोलन, विदेश नीति, महंगाई और बेरोजगारी समेत कई मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा का राष्ट्रवाद ‘फर्जी’ है और ब्रितानी नीति ‘फूट डालो और राज करो’ पर आधारित है। पंजाब विधानसभा के लिए 20 फरवरी को होने वाले चुनाव से पहले सिंह ने पंजाबी भाषा में एक वीडियो संदेश के जरिए यह टिप्पणी की, जिसे कांग्रेस ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में दिखाया। सिंह ने कहा कि सरकार विदेश नीति के मामले में ‘बुरी तरह असफल’ साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि चीनी सेना ‘पिछले एक साल से हमारी पवित्र धरती पर कब्जा जमाए है, लेकिन इस मामले को दबाने के प्रयास किए जा रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि पुराने मित्र लगातार हमसे दूर हो रहे हैं, वहीं पड़ोसी देशों से भी हमारे संबंध बिगड़ रहे हैं। सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मुझे उम्मीद है कि अब मौजूदा सरकार को यह समझ में आ गया होगा कि नेताओं को जबरदस्ती गले लगाने से, उनके साथ झूला झूलने से या बिना बुलाए बिरयानी खाने से देशों के संबंध नहीं सुधरते हैं। कांग्रेस ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि उसका शासन केवल विज्ञापनों में ही दिखाई देता है। वहीं सिंह ने कहा कि सच्चाई हमेशा किसी न किसी तरह सामने आ ही जाती है। बड़ी बड़ी बातें करना बहुत आसान होता है लेकिन उन चीजों को हकीकत में लाना बहुत कठिन है। उन्होंने कहा कि सरकार को देश के संविधान पर भरोसा नहीं है और ‘संस्थाओं को लगातार कमजोर किया जा रहा है।’ सिंह ने कहा कि आज, स्थिति बहुत चिंताजनक है। कोरोना वायरस महामारी के बीच, केंद्र सरकार की अदूरदर्शी नीतियों के कारण एक ओर लोग गिरती अर्थव्यवस्था, बढ़ती मुद्रास्फीति और बेरोजगारी से परेशान हैं। उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा कि वहीं दूसरी ओर, पिछले साढ़े सात साल से सत्ता में काबिज मौजूदा सरकार अपनी गलतियां स्वीकार करने और उनमें सुधार करने के बजाय, लोगों की समस्याओं के लिए अब भी देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को दोषी ठहरा रही है। उन्होंने कहा कि मेरा स्पष्ट रूप से मानना है कि प्रधानमंत्री पद की अपनी गरिमा होती है और इतिहास को दोष देने से किसी के पाप कम नहीं हो सकते। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन लोगों को अर्थव्यवस्था की कोई समझ नहीं है और अर्थव्यवस्था स्वस्थ स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में बेरोजगारी चरम पर पहुंच गई है। किसान, कारोबारी, विद्यार्थी, महिलाएं सभी दुखी हैं। उन्होंने कहा कि देश में सामाजिक असमानता बढ़ रही है, लोगों पर कर्ज लगातार बढ़ रहा है, जबकि उनकी आमदनी घट रही है। उन्होंने कहा कि अमीर और अमीर होते जा रहे हैं वहीं गरीब और गरीब हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि लेकिन यह सरकार आंकड़ों में हेराफेरी कर दिखा रही है कि सब कुछ ठीक है। सिंह ने कहा कि इस सरकार की नीति के साथ-साथ उसकी नीयत में भी खामी है। उन्होंने कहा कि हर नीति में स्वार्थ है, उनकी नीयत में नफरत और विभाजन है। लोगों को जाति और क्षेत्र के नाम पर बांटा जा रहा है...। पूर्व प्रधानमंत्री ने पिछले महीने फिरोजपुर में एक पुल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला फंस जाने संबंधी सुरक्षा चूक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री की सुरक्षा के नाम पर मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और राज्य के लोगों को बदनाम करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान भी पंजाब और पंजाबियत को बदनाम करने का प्रयास किया गया। सिंह ने कहा कि दुनिया पंजाब के लोगों की बहादुरी, देशभक्ति और बलिदान को सलाम करती है, लेकिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार इन सब के बारे में बात नहीं करती।
मैंने बोला कम, काम ज्यादा किया : मनमोहन