वाशिंगटन : यूक्रेन के साथ जारी तनाव के बीच रूस ने कुछ और इलाकों से सैनिकों की वापसी की घोषणा की है। रूस ने मास्को कब्जे वाले क्रीमियन प्रायद्वीप से सैन्य बलों की नई वापसी की घोषणा की है। यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगियों की ओर से संदेह के बीच रूसी सेना की वापसी का दावा किया गया है। रूस ने यूक्रेनी सीमा से और अधिक सैनिकों की वापसी की घोषणा की है। लेकिन अमेरिका को रूस पर भरोसा नहीं है। वॉशिंगटन का कहना है कि मॉस्को अभी भी अपने पश्चिमी समर्थक पड़ोसी यूक्रेन पर संभावित आक्रमण के लिए सेना को मजबूत कर रहा है। कुछ दिन पहले ही समाचार एजेंसी एएफपी ने सूत्रों के हवाले से बताया था कि जर्मनी से बातचीत के बाद यूक्रेन के पास तैनात ठिकानों से रूसी सैनिक वापस आने लगे हैं। रूस के कदम खींचने के पीछे एक और वजह पश्चिमी देशों का एकजुट होकर एक राजनयिक प्रयास को आगे बढ़ाना रहा। बता दें कि मास्को द्वारा यूक्रेन की सीमाओं के पास 100,000 से अधिक सैनिकों को जमा करने के बाद हमले की आशंका और बढ़ गई थी जिसने अमेरिका के साथ-साथ कई देशों की नींद उड़ा दी है। कई देशों का कहना है कि अगर रूस हमला करता है तो यूक्रेन के साथ-साथ कई देश तबाह हो जाएंगे। वहीं, जर्मनी के चांसलर ओलाफ स्कॉल्ज ने रूस को चेतावनी देते हुए कहा था कि वह तनाव बढ़ाकर पश्चिमी सहयोगियों के सब्र का इम्तिहान न ले। उन्होंने कहा कि हम सभी के लिए यह नाजुक स्थिति है। रूस हमारी एकता को कमजोर न समझे। हम यूरोपीय संघ व नाटो के साथ एकजुट हैं। स्कॉल्ज ने यह भी कहा कि हम हमारे सहयोगियों की चिंताओं को बहुत गंभीरता से लेते हैं।
यूक्रेन संकटः रूस ने क्रीमियन प्रायद्वीप से सैनिकों की वापसी का किया ऐलान