गुवाहाटी : यूक्रेन में आसन्न युद्ध की आशंका में कियेव स्थित भारतीय दूतावास ने पखवाड़े में दूसरी बार वहां अध्ययन कर रहे भारतीय विद्यार्थी तथा अन्य कार्यरत भारतीय नागरिकों को यथाशीघ्र अपने देश लौट जाने का निर्देश दिया। भारतीय दूतावास के इस निर्देश को लेकर यूक्रेन के विभिन्न शहरों में अध्ययनरत असम तथा पूर्वोत्तर के विद्यार्थी मुश्किल में पड़े हुए हैं। उल्लेखनीय है कि सिक्किम सहित पूर्वोत्तर के हजारों विद्यार्थी यूक्रेन के छोटे-बड़े शहरों में फैले 459 शिक्षानुष्ठानों में अध्ययन कर रहे हैं। असम के विद्यार्थी दो कारणों से मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। पहला कारण है कि हालांकि भारतीय दूतावास ने गैर जरूरी काम में नियुक्त भारतीय नागरिक तथा विद्यार्थियों को यूक्रेन छोड़ने का निर्देश दिया है परंतु भारत सरकार ने अभी तक कोई उद्धार योजना चलाने का फैसला नहीं किया है। भारत सरकार ने सिर्फ यूक्रेन तथा भारत के बीच एयर इंडिया की विमान सेवा बढ़ाने का फैसला लिया है। भारत की तरह अमरीका, पश्चिम यूरोप तथा मध्य प्राच्य के देशों ने भी अपने नागरिकों को यूक्रेन छोड़ने का निर्देश दिया है। इस मौके का फायदा उठाकर विमान परिवहन संस्थाओं ने विमान यात्रा का किराया अत्यधिक कर दिया है। उल्लेखनीय है कि अब यूक्रेन की राजधानी कियेव से नई दिल्ली तक विमान यात्रा का किराया 1 लाख रुपए हो चुका है। एक सप्ताह के बाद के वान वे टिकट के लिए भी 60 हजार रुपए से अधिक किराया हो गया है। इसलिए विद्यार्थियों के लिए इतने रुपए खर्च करके लौट आना मुश्किल हो रहा है।