गुवाहाटी : गौहाटी विश्वविद्यालय परिसर में स्थित आदर्श हिंदी विद्यालय अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। उल्लेखनीय है कि 1989 में विश्वविद्यालय परिसर में आदर्श हिन्दी उच्च प्राथमिक विद्यालय की स्थापना हुई थी और 1994 में उक्त विद्यालय को हाईस्कूल के रूप में विकसित  किया गया था। तत्कालीन कुलपति डॉ. निर्मल कुमार चौधरी ने उक्त विद्यालय का शिलान्यास किया था। पश्चिम गुवाहाटी के विधायक रमेंद्र नारायण कलिता के आर्थिक अनुदान से विद्यालय भवन का निर्माण कराया गया था। विश्वविद्यालय की तरफ से जमीन, घर, बिजली, पानी और समय-समय पर कुछ असबाब मिलते रहे। परंतु वर्तमान वर्ष के जनवरी महीने में अचानक शिक्षक-कर्मचारियों के वेतन तथा विद्यालय  की  मरम्मत के लिए धन का आबंटन स्थगित कर दिया गया। इस संदर्भ में प्रभारी प्रधान शिक्षक हरिनारायण राय ने सभी शिक्षकों व कर्मचारियों की ओर से 20 फरवरी को पश्चिम गुवाहाटी के विधायक रमेंद्र नारायण कलिता को एक पत्र लिखकर विद्यालय के शिक्षक-कर्मचारियों के वेतन तथा विद्यालय  की मरम्मत के लिए धन की मंजूरी देने की मांग की। इसके साथ ही विद्यालय की समस्याओं के समाधान के लिए राज्यपाल से सहयोग की कामना करते हुए पत्र भेजा गया है। राज्यपाल को भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि पहले विश्वविद्यालय परिसर के निवासी हरिजन तथा पिछड़े वर्ग के  और विश्वविद्यालय के फोर्थ ग्रेड के कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा के उद्देश्य से उक्त विद्यालय की स्थापना की गई थी। परंतु बाद में उक्त विद्यालय में पड़ोस के गाड़ीगांव, सुंदरबाड़ी, आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर, असम इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर, सदिलापुर, अमीनगांव, पांडु, बरागांव, गड़चुक, रानी, विजयनगर आदि इलाकों से भी बच्चे पढ़ने के लिए आने लगे। यहां दुर्बल हरिजन संप्रदाय के 70 प्रतिशत विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। विद्यालय में सात शिक्षक, एक चपरासी और एक चौकीदार के पद हैं। दो शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं परंतु उन पदों पर अभी तक नियुक्ति नहीं दी गई है।