गुवाहाटी : छत्रीबाड़ी के व्यापारी अवधेश यादव हत्याकांड में नित नए-नए मामलों का खुलासा हो रहा है। इस हत्यकांड की जड़ बिहार के समस्तीपुर जिले के बिथान थानांतर्गत सिहिमा मोरकाई गांव से होने का शक अब सच्चाई में बदलने लगा है। असम पुलिस इस हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाने के लिए अवधेश यादव के गांव सिहिमा मोरकाई पहुंच गई है। समस्तीपुर जिले की पुलिस असम पुलिस को अपराधियों तक पहुंचने के लिए हर प्रकार की मदद को तत्पर है,वहीं दूसरी ओर असम पुलिस ने बुधवार को अवधेश यादव के एक मैनेजर राज और खारूपेटिया से खादिम अली नामक एक व्यक्ति को इस हत्याकांड में शामिल होने की आशंका के आधार पर पकड़ा गया,वहीं इस मामले के तह तक जाने के लिए पुलिस तीन दिशाओं में अपनी टीम को भेज चुकी है। अभी तक दो इलाके से एक-एक व्यक्ति को जहां पकड़ा गया है,वहीं बिहार से अभी तक  एक भी   अपराधी हाथ नहीं लगा है। हालांकि बिहार और असम पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द मुख्य अपराधी पुलिस की गिरफ्त में होगा। पूर्वांचल प्रहरी से बातचीत के दौरान समस्तीपुर जिले की पुलिस ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि अब तक जो तथ्य सामने आए हैं उनसे साफ हो गया है कि फोन पर हत्या करने का निर्देश दिया गया था। इस घटना को बिहार से अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया कि अवधेश यादव का परिवार पहले काफी गरीब था,जबकि जिसके साथ उनकी आपसी रंजिश बताई जा रही है वह पहले से ही जमींदार तथा डॉन किस्म का है। अब पुलिस इस तार को जोड़ने  के  प्रयास में लगी है कि इस घटना में अवधेश यादव के गांव के जिस बाहुबली का नाम लिया जा रहा है उसकी संलिप्ता कहां तक है ? समस्तीपुर पुलिस का कहना है कि एक बात साफ हो गई है कि हत्या की साजिश यहीं से रची गई थी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर इस अपराध में शामिल होने की आशंका है उन्हें पकड़ने के लिए कानूनी प्रक्रिया तैयार करने के साथ छापा मारा जा रहा है ताकि अपराधियों को भागने का मौका नहीं मिले,वहीं दूसरी ओर असम के  (डीजीपी- स्पेशल) जीपी सिंह ने दावा करते हुए बुधवार को बताया कि घटनास्थल से पाए गए मोबाइल से मिले डॉटा और तेजी से की जा रही जांच प्रक्रिया से ऐसा लग रहा है कि हम चार दिनों के भीतर इस हत्याकांड में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार कर लेंगे। उन्होंने कहा कि गुवाहाटी में भले ही अपराध बढा है,लेकिन पुलिस सभी अपराधिक घटना के गुनाहगारों को पकड़ने में सक्षम हुई है।