कीव/मॉस्को : रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन से जंग में कोई भी कीमत चुकाने को तैयार हैं। हाल ही में लीक हुए कुछ डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, पुतिन अपने 50 हजार सैनिकों की कुर्बानी देने को भी तैयार हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस देश में मेडिकल इमरजेंसी लागू करने की योजना बना रहा है। इसके तहत देशभर के डॉक्टरों को इमरजेंसी सेवाओं के लिए तैनात किया जाएगा। न्यूज एजेंसी मिरर ने इंटेलीजेंस अधिकारियों के हवाले से बताया है यह युद्ध जीतना पुतिन के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है और उन्हें मौतों का आंकड़ा बढ़ने से कोई फर्क नहीं पढ़ता। आईटीवी जर्नलिस्ट एम्मा बरोज ने रूस के डेप्युटी हेल्थ मिनिस्टर की तरफ से साइन किया गया डॉक्यूमेंट ट्वीट करके पुतिन के प्लान की जानकारी दी है। एम्मा बरोज ने रूसी भाषा में लिखे इस पूरे डॉक्यूमेंट को अंग्रेजी में ट्रांसलेट किया है। इस डॉक्यूमेंट में स्वास्थ्य संगठनों को कहा गया है कि वे रूसी लोगों की जिंदगी बचाने और उनका बेहतर सेहत बनाए रखने के लिए काम करें। डॉक्यूमेंट में यह भी कहा गया है कि सरकार को ट्रॉमा, हार्ट, पीडियाट्रिक सर्जन, एनेस्थेटिक्स, रेडियोलॉजिस्ट्स, नर्स और संक्रामक बीमारियों के स्पेशियलिस्ट की जरूरत है। रूसी हेल्थ मिनिस्ट्री ने 25 फरवरी को रूसी मेडिकल इंस्टीट्यूशंस को आदेश दिया था कि डेप्युटी हेल्थ मिनिस्टर को मेडिकल स्पेशलिस्ट और मेडिकल वर्कर्स के नाम, काम करने की जगह, उनकी पोजिशन और कॉन्टैक्ट डिटेल भेजे जाएं। इन डॉक्युमेंट में यह भी साफ किया गया है कि इन मेडिक्स को कहीं भी भेजा जा सकता है। इन्हें ट्रैवल और रुकने के लिए खर्चा दिया जाएगा। इसका पेमेंट मेडिकल डिसास्टर्स के फेडरल सेंटर से होने की उम्मीद है। वेपन एक्सपर्ट हैमिश डि ब्रेटन-गॉर्डन ने मिरर को बताया कि अगर रूस को कहीं से भी हार का अंदेशा होता है तो वह केमिकल वेपन का इस्तेमाल करने से भी नहीं रुकेगा।