गुवाहाटी : अवधेश यादव हत्याकांड के आरोप में बिहार के समस्तीपुर जिला निवासी डब्ल्यू यादव को गिरफ्तार करने गई पलटन बाजार पुलिस सोमवार को खाली हाथ लौट आई। उल्लेखनीय है कि गुवाहाटी महानगर के छत्रीबाड़ी इलाके में एक सप्ताह पहले सुपारी किलर ने अवधेश यादव नामक एक व्यवसायी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। महानगर के पलटन बाजार पुलिस ने इस हत्याकांड के पीछे पारिवारिक तथा राजनैतिक कारण होने का संदेह  व्यक्त किया है। पुलिस का अनुमान है कि बिहार के समस्तीपुर जिले के निवासी डब्ल्यू यादव ने इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए सुपारी किलर बब्लू यादव तथा बीपी सिंह को हत्या की सुपारी सौंपी थी और  उन लोगों ने इस  हत्या  को अंजाम दिया। पलटन बाजार पुलिस के बिहार में रहते तीनों आरोपी नेपाल में जाकर छिप गए। सोमवार को पुलिस टीम का नेतृत्व करने वाले पृथ्वीराज राजखोवा ने मीडिया के सामने कहा कि अवधेश यादव की हत्या के सिलसिले में पलटन बाजार थाना में 105/2022 नंबर में एक मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस टीम हत्या के मूल आरोपी डब्ल्यू यादव तथा उसके सहयोगी बब्लू यादव तथा बीपी सिंह की तलाश में बिहार के तीन जिलों समस्तीपुर खगड़िया और बेगूसराय के विभिन्न स्थानों पर बिहार पुलिस की सहायता से अभियान चलाया,परंतु इस दौरान तीनों आरोपी नेपाल भाग गए और अनुमान है कि वे वहीं छिपे हुए हैं। बिहार पुलिस के स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) मामले पर काम कर रही है और जल्दी ही तीनों आरोपी पकड़े जाएंगे। राजखोवा ने मीडिया से यह भी कहा कि हत्या के पीछे क्या कारण है इस संदर्भ में पुलिस को क्लू मिल चुका है। मृतक अवधेश यादव तथा डब्ल्यू यादव के गुटों के बीच बहुत पहले से ही दुश्मनी थी। अवधेश के दो भाइयों को डब्ल्यू यादव पक्ष की ओर से पहले ही हत्या कर दी गई है। सूत्रों का कहना है कि अवधेश यादव पक्ष ने डब्ल्यू यादव के एक भाई रेवती रमन की हत्या करवा दी थी और दूसरे भाई गोपी यादव की हत्या के लिए दो बार हमला किया जा चुका है। डब्ल्यू यादव पर भी तीन बार हमला किया गया है। 11 जनवरी को डब्ल्यू यादव पर गोली से हमला की गई जिसमें गोली उसके पैर के आर पार हो गई थी। इस सिलसिले में अवधेश के खिलाफ अलोली थाने में 24/2022 नंबर में एक मामला दर्ज किया गया है। अवधेश के एक भाई मुकेश अब भी जेल में है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों की दुश्मनी के पीछे जमीन का विवाद तथा राजनीतिक कारण है। स्थानीय पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों के विवाद में गांव के 21 लोग मारे गए थे। सिर्फ विथान थाने में ही 5 से अधिक मामले दर्ज है। हालांकि कुछ हत्याओं का मामला दर्ज नहीं कराया गया। स्थानीय सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार डब्ल्यू यादव पिछले 10 सालों से गांव का मुखिया था। इधर पुलिस को अवधेश की हत्या से दो दिन पहले वे अपने दो सहयोगी बब्लू यादव तथा बीपी सिंह सहित पलटन बाजार के एक होटल में रहने का तथ्य भी मिल चुका है।