नई दिल्ली : यूक्रेन और रूस के बीच जंग जारी है, ऐसे में भारतीय मूल के और पुतिन की पार्टी के विधायक डॉक्टर अभय कुमार सिंह ने राष्ट्रपति के कदम को जायज ठहराया। उन्होंने कहा कि पुतिन ने कई बार यूक्रेन को बातचीत का मौका दिया, लेकिन वह नहीं माना, इसके बाद युद्ध का निर्णय लिया गया। रसिया में सांसद अभय कुमार सिंह ने कहा कि अगर चीन बांग्लादेश में सैन्य अड्डा बना दे तो भारत उस पर क्या प्रतिक्रिया देगा। नाटो का निर्माण ही रूस के खिलाफ हुआ था। सोवियत यूनियन टूटने के बाद भी नाटो नहीं टूटा और वह धीरे-धीरे हमारे करीब आ गया। यूक्रेन का बॉर्डर रूस के बंगल में है और आप वहां पर नाटो की सेना बुला रहे हैं, जोकि हमारे बीच हुए एग्रीमेंट के अनुसार यह काफी बड़ा उल्लंघन है। ऐसे में देश की सुरक्षा के लिए हमारे राष्ट्रपति को कुछ ना कुछ करना था, इसलिए हमारी संसद और राष्ट्रपति पुतिन ने एक्शन लिया।उन्होंने कहा कि परमाणु हथियारों से डरने की बात नहीं है। हमारे राष्ट्रपति ने ऐलान किया है, लेकिन यह इसलिए है कि अगर कोई दूसरा देश हमारे ऊपर हमला करता है तो हम जवाब देंगे। यूक्रेन में रूस की ऑर्मी को इसलिए समय लग रहा है कि आम लोगों को ध्यान में रखते हुए उनको विशेष निर्देश दिए गए हैं। अभय कुमार सिंह ने कहा कि रूस पर पिछले 8 से 10 सालों से प्रतिबंध लगता आ रहा है। यह रूस के लिए बेहतर है, क्योंकि जिस चीज के लिए रूस दूसरे देशों पर निर्भर करता था, उसका उत्पादन अब हम खुद करने लगे है। रूस का रुबैल गिरा है, लेकिन कुछ समय के बाद यह सही हो जाएगा।उन्होंने कहा कि पुतिन विश्व के महान नेता है और अपने बात के पक्के हैं। मेरे पास उनकी तारीफ करने के लिए शब्द कम हैं।
'पुतिन ने यूक्रेन पर हमले का लिया सही निर्णय' : अभय कुमार सिंह