मेलबोर्न,(भाषा): स्पिन गेंदबाजी को नई परिभाषा देने वाले ऑस्ट्रेलिया के महान स्पिनर शेन वॉर्न का थाईलैंड में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनके प्रबंधन की ओर से जारी बयान में यह जानकारी दी गई। वह 52 वर्ष के थे । वॉर्न के प्रबंधन ने ऑस्ट्रेलियाई मीडिया को एक संक्षिप्त बयान जारी किया है कि वॉर्न का थाईलैंड के को समुई में निधन हो गया है। बयान में कहा गया ,‘शेन अपनी विला में अचेत पाए गए। मेडिकल स्टाफ की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।’ उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने इस मौके पर निजता बनाए रखने की अपील की है। समय आने पर आगे ब्यौरा दिया जाएगा। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट ने एक ही दिन में दो दिग्गजों को खो दिया। सुबह महान विकेटकीपर रॉड मार्श का निधन हो गया था। वॉर्न ने सुबह ही उनके निधन पर शोक जताते हुए लिखा था ,‘रॉड मार्श के निधन के समाचार से दुखी हूं। वह हमारे शानदार खेल के लीजैंड और कई युवा खिलाड़ियों के प्रेरणास्रोत थे। उन्होंने क्रिकेट को खासकर ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड क्रिकेट को बहुत कुछ दिया। उनके परिवार को प्यार। रेस्ट इन पीस दोस्त।’ अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में शुमार वॉर्न ने 1992 में ऑस्ट्रेलिया के लिए पदार्पण करके 145 टेस्ट खेले और 708 विकेट लिए। वहीं 194 वनडे में 293 विकेट चटकाए। आईपीएल के पहले सत्र में 2008 में राजस्थान रॉयल्स ने उनकी कप्तानी में खिताब जीता था। उन्होंने 1993 में 24 वर्ष की उम्र में ओल्ड ट्रैफर्ड में जिस गेंद पर इंग्लैंड के माइक गैटिंग को आउट किया था , उसे ‘सदी की गेंद’ माना जाता है। गैटिंग उस लेग ब्रेक पर हैरान रह गए। गेंदबाजी की यह कला उस समय अंतिम सांसे ले रही थी जब वॉर्न ने उसे पुनर्जीवित किया। वह श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन (800 विकेट) के बाद सर्वाधिक विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज थे ।
नहीं रहे स्पिन के जादूगर शेन वॉर्न