कीव : यूक्रेन की सरकार ने अपने राष्ट्रपति वोल्दोमिर जेलेंस्की को रूसी सेनाओं के शार्प शूटरों के हमलों से बचाने के लिए प्लान-बी तैयार कर लिया है। हमले के 11 दिन बीत जाने के बाद भी रूसी सेना जेलेंस्की के पास तक नहीं पहुंच पाई है। जेलेंस्की हर दूसरे दिन अपनी जगह को बदल देते हैं। राजधानी कीव में ही उनके लिए यूक्रेनी सेना ने कई सेफ हाउस बनाए हुए हैं। यूक्रेन को समर्थन दे रहे अमरीकी नेतृत्व वाले देशों ने जेलेंस्की की सुरक्षा को लेकर एक साझा प्लान तैयार किया है। इसे कीव पर रूसी कब्जे की आशंका के चलते तैयार किया गया है। यदि यूक्रेन में रूस समर्थित कठपुतली सरकार को बैठा दिया जाता है तो जेलेंस्की की निर्वासित सरकार को यूक्रेन के पश्चिम में कार्पेथिया के पहाड़ों में तैयार राष्ट्रपति पैलेस से चलाया जाएगा। प्लान की चर्चा में शामिल एक अफसर का कहना है कि रणनीति ये भी बनाई गई है कि यूक्रेन को पश्चिमी देशों की ओर से हथियारों की सप्लाई लगातार जारी रखी जाएगी। साथ ही रूस पर आर्थिक प्रतिबंधों को भी हटाया नहीं जाएगा। अमरीका, यूक्रेनी सेना के लड़ाकों को अन्य देशों के समान आर्थिक और सैन्य मदद देता रहेगा। जनवरी में अमरीका की यात्रा पर गए जेलेंस्की ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के बारे में पूछताछ की थी। इस पर अमरीका का कहना था कि जेलेंस्की की यूक्रेन में मौजूदगी वहां के लोगों के हौसले को बनाए रखने के लिए जरूरी है। इसके बाद ही जेलेंस्की ने देश नहीं छोड़ने का बयान दिया था। जेलेंस्की की पत्नी ओलेना भी यूक्रेनी जनता के नाम वीडियो संदेश जारी करती रहती हैं, लेकिन ओलेना के यूक्रेन में होने के बारे में जानकारी नहीं है। यूक्रेनी संविधान के अनुसार राष्ट्रपति जेलेंस्की के बाद दूसरे नंबर पर संसद के स्पीकर होते हैं। अभी स्पीकर रुसलान स्टीफानचुक हैं। हमले के डर से यूक्रेनी खुफिया एजेंसी ने उन्हें और जेलेंस्की को अलग सेफ हाउस में रखा है। हाल में यूक्रेन ने यूरोपीय संघ यानी ईयू की सदस्यता की मांग की थी, उस वक्त रुसलान जेलेंस्की साथ दिखे थे। यूक्रेन की शोधकर्ता कर्यस्तना होलिसंका का कहना है कि युद्ध के समय प्रतिरोध का वैकल्पिक चेहरा होना जरूरी होता है। अभी पूरी दुनिया जेलेंस्की को ही यूक्रेन के विरोध के रूप में जानती है।
कीव पर रूसी कब्जा हुआ तो कहां जाएंगे जेलेंस्कीः कार्पेथिया में बैठेगी निर्वासित सरकार?