गुवाहाटी : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की साप्ताहिक बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की भूमि की बेदखली को लेकर वितर्क हो रहे हैं। हालांकि उद्यान के कुछ चयनित इलाकों में बेदखली हो रही है परंतु मंत्री-वीआईपी के अधिकार क्षेत्र के कुछ इलाकों में बेदखली नहीं हो रही है। ऐसी स्थिति में बुधवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। कैबिनेट ने कांजीरंगा के कुल 7 इलाकों को इको सेंसिटिव जोन के रूप में घोषणा करने का फैसला लिया। उक्त इको सेंसिटिव जोन का परिसर 10 किलोमीटर का होगा और इन इलाकों में कोई निर्माण कार्य करने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा चार इलाकों को रिजर्व फॉरेस्ट तथा 11 इलाके संरक्षित वनांचल के रूप में घोषित की जाएगी। कैबिनेट में काजीरंगा उद्यान के वन्यपशुओं की सुरक्षा के लिए नौ जंतु गलियारों की पहचान तथा सीमांकन करने का भी फैसला लिया गया। कैबिनेट ने केएनपी टाइगर रिजर्व, बुढ़ा चापोरी वन्यप्राणी अभयारण्य, लाओखोवा वन्यप्राणी अभयारण्य, गरमपानी वन्यप्राणी  अभयारण्य, नामवर दैयांग वन्यप्राणी अभयारण्य, पूर्वी कार्बी आंग्लांग वन्यप्राणी अभयारण्य, उत्तर कार्बी आंग्लांग वन्यप्राणी अभयारण्य को सुरक्षित स्थान घोषित किया। कैबिनेट ने नगांव, कछार और हाफलांग में केंद्रीय उपक्रम हिंदुस्तान पेपर कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल)की बंद पड़ी इकाइयों की संपत्ति के अधिग्रहण से जुड़ी निविदा में भाग लेने के लिए उद्योग विभाग को 375 करोड़ रूपए मंजूर किए। आगामी 3-4 महीनों में मिलों के कर्मचारियों को बकाया रकम अदा कर दी जाएगी। कैबिनेट से इस फैसले से एचपीसीएल में कार्यरत 1,100 परिवार लाभान्वित होंगे। कैबिनेट में असम ध्रुपदी प्रतिष्ठान (संस्कृृत-पाली-प्राकृृत) प्रादेशिकीकरण कानून, 1996, असम राज्य उच्च शिक्षा परिषद कानून, 2017, असम अप्रादेशीकृृत संस्कृृत और पालि शिक्षानुष्ठान (सेवा की प्रादेशिकीकरण) कानून, 2017 तथा असम उद्योग सहायता (छोटे ओर मंझले उद्योग) कानून, 1995 को रद्द करने को मंजूरी दे दी। इसके साथ कैबिनेट ने असम अकाल और भूखमरी सहायता और बीमा पूंजी (रद्द) विधेयक, 2022 तथा द आसाम कॉनसलीडेशन ऑफ होल्डिंग्स (रद्द) विधेयक, 2022 को विधानसभा में पारित करने के लिए मंजूरी दे दी। कैबिनेट ने तीसरी तथा चौथी श्रेणी कर्मचारी कानून, 2021 के तहत अनुरूप पदों के लिए असम प्रत्यक्ष नियुक्ति आयोग की धारा 10 की उपधारा 4 के संशोधन के लिए एक विधेयक दाखिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके साथ कैबिनेट ने तीसरी तथा चौथी श्रेणी कर्मचारी के अनुरूप पदों के लिए असम प्रत्यक्ष नियुक्ति नियम, 2022 के नियम 9(1) (द्ब1) और नियम 9(2) (1) के संशोधन पर मंजूरी दे दी। इसके बाद तीसरी तथा चौथी श्रेणी कर्मचारी की नियुक्ति आयोग के खाली पदों के लिए  विवरण, संरक्षण, योग्यता, उम्रसीमा, वेतन सीमा और ग्रेड तथा अन्य संबंधित तथ्य के मूल्यांकन की जरूरत नहीं होगी। मूल्यांकन का दायित्व संदर्भित प्रशासनिक विभाग पर होगा। इस व्यवस्था के कारण निर्धारित समयसीमा में अनवरत नियुक्ति प्रक्रिया अधिक आसान बन जाएगी।