लखनऊ : 25 मार्च को शाम 4 बजे योगी आदित्यनाथ दूसरी बार उत्तर प्रदेश के सीएम पद की शपथ लेने जा रहे हैं। इससे पहले मंत्रिमंडल को अंतिम रूप देने के लिए लखनऊ से लेकर दिल्ली तक भागदौड़ जारी है। वैसे, योगी 2.0 कैबिनेट में गुजरात मॉडल की झलक दिखेगी। पीएम रू नरेंद्र मोदी ने इस बार के मंत्रिमंडल को 2024 लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बनाने के सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ये यूपी की फ्यूचर कैबिनेट हो, जो अगले 15 साल तक काम कर सके। इस सुझाव को अमलीजामा पहनाने की जिम्मेदारी देश के गृहमंत्री और यूपी पर्यवेक्षक अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के पास है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि योगी कैबिनेट इस बार गुजरात की तर्ज पर तैयार हो रही है। ये 15 साल के फ्यूचर प्लान को हासिल करेगी। अमित शाह लखनऊ पहुंचने से पहले यूपी की पूरी कैबिनेट के नाम तय कर चुके हैं। सीएम योगी ने बुधवार की रात दिल्ली पहुंचकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह समेत वरिष्ठ नेताओं के साथ कैबिनेट के नामों पर अंतिम चर्चा की।सीएम योगी ने बुधवार की रात दिल्ली पहुंचकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह समेत वरिष्ठ नेताओं के साथ कैबिनेट के नामों पर अंतिम चर्चा की।योगी कैबिनेट में करीब 40 से 45 मंत्रियों के बनाए जाने की संभावना है। मंत्रिमंडल में अधिकतम संख्या 60 है, इसलिए पूरी संभावना है कि इस बार का मंत्रिमंडल छोटा ही हो। ताकि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले विस्तार करके जातीय समीकरण को दोबारा सेट किया जा सके। इस बार योगी कैबिनेट में अरविंद कुमार शर्मा को जगह मिलना तय माना जा रहा है। मोदी के करीबी अरविंद दो साल की आईएएस की नौकरी से वीआरएस लेकर यूपी की राजनीति में सक्रिय हुए हैं। उन्हें भाजपा का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया। कन्नौज से विधायक बने पूर्व आईपीएस असीम अरुण भी मंत्री बनाए जा सकते हैं। दलित वर्ग से आने वाले असीम अरुण को समाज कल्याण, पुलिस सुधार जैसे विभाग की जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं मंत्री बनने की लाइन में ईडी के पूर्व अफसर राजेश्वर सिंह भी शामिल हैं। योगी की दूसरी कैबिनेट में महिला विधायकों को भी जगह मिलेगी। इसमें मुख्य तौर पर दलित, ओबीसी और सामान्य वर्ग की महिला विधायक को कैबिनेट में जगह दी जा सकती है। सूत्रों के अनुसार बिहार की तरह यूपी में भी डिप्टी सीएम की पोस्ट इस बार अनुसूचित जाति की महिला को दिया जा सकता है। बीजेपी में इस बार 19 जाट, 18 पासी, 5 खटीक विधायक जीतकर आए हैं। ऐसे में यह माना जा रहा है कि बसपा से भाजपा को वोट करने वाले जाट कम्युनिटी का प्रतिनिधित्व करने वाले दो मंत्रियों को बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके अलावा पासी जाति के भी दो से ज्यादा मंत्री बनाए जा सकते हैं। निषाद, बिंद, कश्यप, मल्लाह जातियों से 7 विधायक बीजेपी गठबंधन से जीते हैं। बीजेपी अगड़ों और गैर यादव पिछड़ों के साथ अब दलितों को जोड़कर आगे बढ़ना चाहती है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के चुनाव हारने के बाद भाजपा को पिछड़े वोट की चिंता है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि केशव को जरूर रिपीट किया जाएगा। पिछड़े वर्ग में 27 कुर्मी बीजेपी गठबंधन से, 15 लोध, 8 जाट और 12 मौर्य-शाक्य-सैनी और कुशवाहा विधायक जीते हैं।अखिलेश यादव के आजमगढ़ लोकसभा से इस्तीफा देने के बाद यह तय हो गया है कि इस बार यूपी विपक्ष का नेतृत्व खुद अखिलेश यादव करेंगे। इसलिए अखिलेश यादव के सामने बड़े ओबीसी नेता को रखना भाजपा की मजबूरी भी है। यूपी चुनाव परिणाम के बाद अपना दल एस, निषाद पार्टी के अध्यक्ष ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करके अपनी बात रखी। यूपी चुनाव परिणाम के बाद अपना दल एस, निषाद पार्टी के अध्यक्ष ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करके अपनी बात रखी।
योगी सीएम पद की शपथ लेंगे आज