माले : विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को कहा कि भारत और मालदीव के बीच गहरी और स्थायी मैत्री संबंध है तथा दोनों देशों के बीच की साझेदारी हिंद महासागर क्षेत्र के लिए ‘स्थिरता की वास्तविक ताकत’ एवं समृद्धि के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। जयशंकर ने मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह की उपस्थिति में मालदीव के अद्दु शहर में नेशनल कॉलेज फॉर पुलिसिंग एंड लॉ एनफोर्समेंट (एनसीपीएलई) का उद्घाटन करते हुए यह टिप्पणी की। उन्होंने परियोजना को ‘दोनों देशों की विकास साझेदारी का एक वास्तविक प्रतीक’ करार दिया और मालदीव पुलिस सेवा को नए प्रशिक्षण केंद्र के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह मालदीव और भारत के पुलिस बलों के प्रशिक्षण की परंपराओं को मजबूत करने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि भारत और मालदीव एक गहरी और स्थायी मैत्री संबंध साझा करते हैं। आज हमारा रिश्ता हमारे युवाओं और हमारी आने वाली पीढय़िों के लिए वादों और संभावनाओं से भरा है। यह हिंद महासागर क्षेत्र के लिए व्यापक परिणाम और स्थिरता एवं समृद्धि की एक वास्तविक शक्ति की साझेदारी भी है। विदेश मंत्री ने कहा कि मुझे विश्वास है कि एनसीपीएलई एक ऐसा प्रमुख संस्थान होगा जो इस संदेश को (चहुंओर) फैलाएगा। मैं राष्ट्रपति सोलिह, मालदीव की सरकार और लोगों तथा विशेष रूप से मालदीव पुलिस सेवा के अधिकारियों को इसके उद्घाटन पर बधाई देता हूं। उद्ïघाटन समारोह के दौरान, सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (एसवीपीएनपीए) और मालदीव पुलिस बल के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गए, ताकि पूरे द्वीपसमूह में पुलिस बुनियादी ढांचे के उन्नयन का समर्थन किया जा सके।  जयशंकर ने कहा कि हमें उम्मीद है कि एनसीपीएलई जल्द ही एक प्रतिष्ठित संस्थान के रूप में विकसित होगा, जो किसी भी आधुनिक पुलिस बल के सामने आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए बेहतर उपाय ढूंढ़ सकेगा। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि हमारे दो संस्थानों के बीच लंबे समय से विकसित हुआ भाईचारा आने वाले वर्षों में एनसीपीएलई को कानून प्रवर्तन की दिशा में उत्कृष्टता के एक क्षेत्रीय केंद्र के रूप में और सशक्त बनाएगा।