गुवाहाटी : असम तथा मेघालय के बीच करीब पांच दशक पुरानी सीमा विवाद को सुलझाने के लिए 12 विवादास्पद इलाकों में से 6 इलाकों के विवाद सुलझाने में दोनों राज्यों की तरफ से सहमति प्रकट की गई है। मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की उपस्थिति में असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा तथा मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किया। उक्त समझौते के अनुसार विवादास्पद 36.79 वर्ग किलोमीटर इलाके में से असम को  मिलेगा 18.51 वर्ग किलोमीटर तथा मेघालय को मिलेगा 18.28 वर्ग किलोमीटर इलाका। विवादास्पद हाहिम के 3.51 वर्ग किलोमीटर में से असम को 0.3 वर्ग किलोमीटर और मेघालय को 3.21 वर्ग किलोमीटर मिलेगा। उसी प्रकार विवादास्पद गिजांग के 13.53 वर्ग किलोमीटर में से असम को 10.63 वर्ग किलोमीटर और मेघालय को 2.90 वर्ग किलोमीटर मिलेगा।बकालपाड़ा के विवादास्पद 1.57 वर्ग किलोमीटर इलाके के असम को 1.01 वर्ग किलोमीटर और मेघालय को 0.56 वर्ग किलोमीटर मिलेगा। खानापाड़ा-पिङ्क्षलगकाटा के विवादास्पद 2.29 वर्ग किलोमीटर में से असम को 1.79 वर्ग किलोमीटर और मेघालय को 0.5 वर्ग किलोमीटर मिलेगा। इसी तरह विवादास्पद राताचेरा के 11.2 वर्ग किलोमीटर में से असम को 4.78 वर्ग किलोमीटर और मेघालय को 6.42 वर्ग किलोमीटर मिलेगा। विवादास्पद ताराबाड़ी के 4.69 वर्ग किलोमीटर का पूरा इलाका मेघालय को मिलेगा। उल्लेखनीय है कि विवादास्पद इलाकों में से असम ने मेघालय को जो इलाके छोड़ दिए हैं वहां के स्थानीय निवासी मेघालय में शामिल होने के लिए इच्छुक नहीं है। उनके अनुसार वे 60-70 सालों से असम की भूमि में निवास कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें मेघालय के साथ शामिल करना सही नहीं है।