जोरहाट : जोरहाट के फांसी आली स्थित मुहर्रम फील्ड परिसर में अवैध तरीके से मस्जिद निर्माण किए जाने के मुद्दे को लेकर जिला उपायुक्त ने आज दोनों पक्षों के साथ एक बैठक बुलाई। जिला उपायुक्त कार्यालय के सभागार में अपराह्न तीन बजे आयोजित इस सभा में अवैध तरीके से मस्जिद निर्माण करने का विरोध कर रहे लोगों के साथ मस्जिद समिति के पदाधिकारी उपस्थित थे। डीसी अशोक कुमार बर्मन ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा वर्ष 2009 में दिए गए निर्देश का उल्लेख  करते हुए कहा कि किसी भी सरकारी जमीन में धाॢमक स्थल बनाने का किसी भी व्यक्ति या संस्था को अधिकार नहीं है। उन्होंने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के उक्त निर्देश से उपस्थित सभी लोगों को अवगत कराया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन करते हुए तत्काल प्रभाव से माइक व लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगाई। साथ ही अगले पंद्रह दिनों के भीतर दोनों पक्षों को आपस में चर्चा करके शांतिपूर्ण तरीके से मस्जिद को हटाने का निर्देश दिया। डीसी का कहना था कि पंद्रह दिनों का समय इसलिए दिया गया है, ताकि दोनों पक्षों के बीच किसी तरह का मनमुटाव न रहे और आपसी भाईचारा भी बना रहे। हालांकि इन पंद्रह दिनों में मस्जिद परिसर में माइक व लाउडस्पीकर के अलावा किसी भी तरह की अन्य गतिविधि पर रोक नहीं लगाई गई है। उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर अगले पंद्रह दिनों में मस्जिद को वहां से नहीं हटाया जाता है तो प्रशासन को मजबूरन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन करते हुए अभियान चलाना पड़ेगा। सभा में अतिरिक्त जिला उपायुक्त, डीएसपी, सदर थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि फांसी आली के मुहर्रम फील्ड परिसर में अवैध तरीके से मस्जिद निर्माण के मुद्दे को लेकर गत 11 अप्रैल व 22 अप्रैल को स्थानीय लोगों ने डीसी को एक ज्ञापन दिया था। लेकिन किसी भी तरह की कार्रवाई न होने के बाद सैकड़ों लोग कल मुहर्रम फील्ड के सामने धरने पर बैठ गए। हालांकि प्रशासन की तरफ से चक्राधिकारी ने मौके पर पहुंचकर धरने पर बैठे लोगों को उचित समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए।