गुवाहाटी : अपने घर का सपना सभी लोगों का एक खास सपना होता है, परंतु बढ़ती महंगाई के कारण अब जिन मध्यवर्गीय लोगों को उत्तराधिकार के रूप में कोई घर मिला नहीं, उनके मन में अपने लिए एक घर बना लेने का सपना बहुत पहले ही टूट चुका है। इसके बाद भी अपने घर के सपने को हकीकत में बदलने के लिए उनके पास एक और रास्ता खुला था,अपने घर के रूप में कहीं एक फ्लैट खरीद लें। परंतु अब उनके इस सपने पर भी करारा चोट पहुंचा है। असम रियल एस्टेट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स एसोसिएशन (एरिडा) ने पिछले दो वर्षों में निर्माण सामग्री में 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी का हवाला देते हुए सभी श्रेणियों के रियल एस्टेट में 600 रुपए प्रति वर्ग फुट की बढ़ोतरी की घोषणा की। एरिडा के अध्यक्ष अभियंता पीके शर्मा ने सोमवार को गुवाहाटी प्रेस क्लब में यह घोषणा की। शर्मा ने मीडिया को बताया कि कच्चे निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि ने बिल्डरों को यह कठिन निर्णय लेने को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा ति कोविड-19 के बाद आवासीय फ्लैटों का निर्माण बहुत महंगा हो गया है। अध्यक्ष शर्मा ने पिछले तीन सालों का आंकड़ों के आधार पर कहा कि सबसे अधिक महंगाई टीएमटी बार पर हुआ है। इसके साथ ही ब्लैक वायर, नेल्स, श्रमिक, मिस्त्री, सैंड, चिप्स, टाइल्स, सिमेंट, वायर, ईंट, एल्युमीनियम ङ्क्षवडो, पेंंट, पीवीसी पाईप, सैनिटरी फिटिंग्स आदि के साथ ही अन्य वस्तुओं के दाम में व्यापक बढ़ोत्तरी हुई है। इस महंगाई के कारण हम अपनी लागतों को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं। महामारी और अत्यधिक मूल्य वृद्धि के कारण बिल्डर्स पिछली बुकिंग दर पर और निर्धारित समय के भीतर फ्लैट उपलब्ध कराने में असमर्थ हो रहे हैं। शर्मा ने यह भी कहा कि गृह निर्माण सामग्री की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण प्रधान मंत्री आवाज योजना के तहत कई सरकारी सब्सिडी वाली परियोजनाओं को भी रोक दिया गया है। इसके अलावा एरिडा ने रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण और असम सरकार से बिल्डर-खरीदार समझौते में मूल्य वृद्धि खंड को शामिल करने का आग्रह किया है। शर्मा ने कहा कि रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) नियम 2017 रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 से अलग है, जिसमें मूल्य वृद्धि नियमों में शामिल नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि सामग्री की कीमत में लगातार वृद्धि के कारण बुकिंग दर पर फ्लैट को पूरा करना संभव नहीं है। इसलिए हम सरकार और रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) से आग्रह करते हैं कि बिल्डरों को समझौते में वृद्धि खंड शामिल करने की अनुमति दें। संवाददाता सम्मेलन में अरेडा के कार्यकारी अध्यक्ष उत्पल दास, महासचिव दीप ज्योति बरुवा, कोषाध्यक्ष पीयूष अग्रवाल व देवजीत बोरा भी उपस्थित थे।
अब आसान नहीं अपने घर का सपना फ्लैट की कीमतों में होगी भारी वृद्धि