नई दिल्ली : महंगाई ने दुनियाभर के देशों की अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान पहुंचाया है। इसकी मार से भारत ही नहीं, बल्कि दुनियाभर के देशों पर असर पड़ा है। साल 2022 की शुरुआत तमाम देशों के लिए बेहद खराब साबित हुई है। जहां बीते साल 2021 में महंगाई के हल्के-हल्के झटके लगे थे, तो 2022 में जिस प्रकार से भू-राजनैतिक हालात बदले हैं, महंगाई का जोरदार झटका भारत समेत अमरीका, ब्रिटेन और जर्मनी समेत अन्य देशों को लगा है। जिस हिसाब से दुनिया भर में महंगाई बढ़ी है, पश्चिमी देशों के लिए हैरान करने वाली रही। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिमी देशों ने दशकों बाद ऐसी महंगाई का अनुभव किया है। बीती कुछ तिमाहियों में तो इसमें तेजी से इजाफा देखने को मिला है। इसकी शुरुआत जिंस की कीमतों में तेजी के साथ हुई। खासतौर पर तेल और धातुओं के दाम में बढ़ोतरी से। 2020 में कोविड की दस्तक के बाद कमोडिटी की काफी हद तक कम रही थीं। लेकिन, 2021 में इसमें कुछ उतार-चढ़ाव आया और 2022 में तो एकदम से इनके दाम आसमान छूने लगे। 2021 की बात करें तो कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण लागू तमाम प्रतिबंधों से आपूर्ति शृंखला प्रभावित हुई, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा। यह सिलसिला जो शुरू हुआ तो अब तक बदस्तूर जारी है। दरअसल, कोरोना महामारी का प्रभाव कम होने के बाद फरवरी के अंत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर हमले का एलान कर दिया। युद्ध शुरू होने के साथ ही दुनियाभर के निवेशकों की धारणाओं पर नकारात्मक असर हुआ और शेयर बाजार धराशाई हो गए। वहीं अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान पर पहुंच गई। सप्लाई चेन प्रभावित होने के कारण अन्य चीजों पर भी इसका असर पड़ा। रूस और यूक्रेन में जारी जंग ने ऐसा असर डाला कि भारत समेत दुनियाभर में रसोई से लेकर सडक़ पर निकलने तक के लिए जनता की जेब पर बोझ बढ़ गया। कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस से लेकर एल्युमिनियम, पैलेडियम, निकल, पोटाश ही नहीं, बल्कि गेंहू, पेट्रोल-डीजल, खाद्य तेलों समेत अन्य जरूरी चीजों की कीमतों में 30 फीसदी से ज्यादा का इजाफा देखने को मिला।  सबसे पहले बात करते हैं भारत की, तो बता दें कि मार्च 2022 में देश में खुदरा महंगाई 17 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई। यह 6.95 फीसदी की दर से बढ़ी है। इससे पहले अक्तूबर 2020 में खुदरा महंगाई 7.61 फीसदी की दर से बढ़ी थी। अमरीका के साथ ही ब्रिटेन में भी महंगाई ने लोगों का हाल-बेहाल कर रखा है। यहां महंगाई दर 30 साल के उच्च स्तर पर पहुंच चुकी है। मार्च में देश में महंगाई 7 फीसदी की दर से बढ़ी, जो कि इससे पिछले महीने में 6.2 फीसदी की दर से बढ़ी थी।