नई दिल्ली : पुलिस ने जहांगीरपुरी हिंसा मामले में मुख्य आरोपी सोनू उर्फ यूनुस को गिरफ्तार कर लिया है। उसे दिल्ली के जहांगीरपुरी थाने लाया गया। 16 अप्रैल को दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में दंगे के दौरान गोली चलाने  के बाद उसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल किया जा रहा था। उससे पूछताछ की जा रही है। वहीं, हनुमान जन्मोत्सव पर बिना अनुमति के जुलूस निकालने वाले आयोजकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल दिल्ली प्रांत, मुखर्जी नगर जिला झंडेवाला के आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आयोजकों ने पुलिस से शोभायात्रा निकालने की अनुमति नहीं ली थी। विश्व हिंदू परिषद के जिला सेवा प्रमुख प्रेम शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही आरोपी असलम और अंसार की दो दिन की पुलिस कस्टडी भी बढ़ा दी गई है।  हिंसा मामले में रविवार को सात और आरोपी कोर्ट में पेश किए गए। जिन्हें पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के साथ रोहिणी कोर्ट ले जाया गया। हिंसा मामले पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने पूरा आरोप मुसलमानों पर लगा दिया। उनको शर्म नहीं आती है इस तरह के बयान देने में कि मुसलमानों ने पत्थर फेंके। जब चुनाव आते हैं तब आप सबके वोट लेते हैं और जब ऐसे मामले सामने आते हैं तब आप अपना असली चेहरा दिखाते हैं। सांप्रदायिक हिंसा उस वक्त ही होती है जब सरकार चाहती है। यहां पर भी सरकार ने सांप्रदायिक हिंसा होने दी। सरकार के सामने सब कुछ हो रहा है जिसकी पूरी जिम्मेदारी मोदी सरकार पर आती है। आज दिल्ली पुलिस के कमिश्नर ने खुद ये कहा है कि जहांगीरपुरी में जो जुलूस निकाला गया उसकी इजाजत नहीं ली गई थी। जब जुलूस निकाला जा रहा था तब पुलिस क्या कर रही थी? पुलिस तमाशा देखने के लिए बैठी थी? और जुलूस में हथियारों की क्या जरूरत थी? सोमवार को जब पुलिस की टीम गोली चलाने वाले शख्स सोनू चिकना की पत्नी से पूछताछ और हिरासत के लिए जहांगीरपुरी पहुंची तो कुछ घरों से टीम पर पथराव कर दिया गया। इसके बाद से इलाके में एक बार फिर तनाव का माहौल बना हुआ था। पुलिस सोनू को गिरफ्तार करने के लिए भी पहुंची है। हालांकि आरएएफ की अतिरिक्त तैनाती के बाद अब हालात नियंत्रण में हैं। जब इस बारे में एडिशनल डीसीपी मयंक बंसल से ताजा पत्थरबाजी के बारे में पूछा गया तो वह बोले कि, मुझे हालात का जायजा लेने दीजिए। दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हनुमान जयंती की शोभायात्रा पर शनिवार को पथराव के बाद भडक़ी हिंसा मामले की जांच करने के लिए एफएसएल की टीम सोमवार सुबह घटनास्थल पर पहुंची है। टीम यहां से फॉरेंसिक सबूत जुटाएगी। फॉरेंसिक टीम मस्जिद व उसके आसपास की गलियों में जाकर जांच कर रही है और जिन छतों से पथराव किए गए उनकी भी जांच की जा रही है।  दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हनुमान जयंती की शोभायात्रा पर शनिवार को पथराव के बाद भडक़ी हिंसा मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अंसार समेत 21 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनके अलावा 2 नाबालिग भी पकड़े गए हैं। करीब 21 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने रविवार को 14 आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से 12 को जेल भेज दिया गया, जबकि अंसार और गोली चलाने का आरोपी असलम एक दिन की पुलिस हिरासत में हैं। गृहमंत्रालय ने एहतियातन सीआरपीएफ और आरएएफ की पांच और कंपनियां इलाके में भेजी हैं। दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच अपराध शाखा को सौंप दी है। उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि हिंसा के दौरान पुलिस के आठ जवानों समेत 9 लोग जख्मी हुए थे। इनमें एक एसआई के हाथ में गोली लगी थी। रविवार को कुछ नए वीडियो सामने आए, जिनके आधार पर जांच की जा रही है। इलाके की अमन कमेटियों से बात कर माहौल को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस के विशेेष आयुक्त दीपेंद्र पाठक (कानून-व्यवस्था) रविवार को दिनभर मौके पर रहे। उन्होंने बताया कि हालात नियंत्रण में हैं। पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और वीडियो को कब्जे में लिया है। इन्हीं के आधार पर गिरफ्तारियां की गईं हैं।