बचपन में अक्सर आपने देखा होगा कि आपसे सवाल किया जाता है कि तुम खाने पीने के लिए कौन सा हाथ इस्तेमाल करते हो? कई पेरेंट्स अपने बच्चों को बताते हैं कि बाएं हाथ इस्तेमाल करने वाले बच्चे बुरे होते हैं। कई पेरेंट्स तो अपने बच्चों को बताते हैं कि बाएं हाथ से काम करना शुभ नहीं होता है। इसके कारण कई बच्चे बायां हाथ ज्यादा चलने के बाद भी दाएं हाथ से काम करने लगते हैं। हालांकि जैसे-जैसे समय बीतता गया और विज्ञान विकसित होता गया तो यह पता चला है कि लेफ्टी आम लोगों के तुलना में ज्यादा स्मार्ट होते हैं। कई लोगों तर्क देते हुए बताते हैं कि लेफ्टी ज्यादा होशियार होते हैं। वहीं कई लोग इसके पीछे लेफ्टी होना कारण को नहीं मानते हैं। अमरीकन जर्नल ऑफ साइकोलॉजी में प्रकाशित शोध से पता चलता है जब रचनात्मकता की बात आती है तो लेफ्टी लोगों का स्थान उपर होता है। वहीं इस अध्ययन में बताया गया है कि लेफ्टी लोग किसी समस्या के समाधान तलाशने में बेहतर हैं। इसके साथ ही लेफ्टी करियर बनाने के लिए अलग-अलग क्षेत्र संगीत, खेल, प्रौद्योगिकी आदि का चुनाव करते हैं। बैडमिंटन, टेनिस, बॉक्सिंग जैसे आमने-सामने वाले खेलों में लेफ्टी लोगों को फायदा होता है। द पज़ल ऑफ़ लेफ्ट-हैंडेडनेस में भाषाविद् रिक स्मट्स ने बताया है कि बाएं हाथ और दाएं हाथ के एथलीट आमतौर पर दाएं हाथ के विरोधियों के खिलाफ प्रशिक्षण लेते हैं। इसलिए जब दाएं हाथ के खिलाड़ी बाएं हाथ के प्रतिद्वंद्वी का सामना करते हैं तो वह तैयार नहीं होते हैं। वहीं दूसरी ओर बाएं हाथ के खिलाड़ी को दाएं हाथ के प्रतिद्वंद्वी के लिए तैयार किया जाता है।