गुवाहाटी: दस दिनों की लंबी अवधि के बाद भी साइबर हैकर की चंगुल से ऑयल इंडिया लिमिटेड (ऑयल) मुक्त नहीं हो पा रही है। अंतर्राष्ट्रीय हैकर गिरोह की चपेट में देश की प्रमुख नवरत्न कंपनी ऑयल पडऩे के बाद कंपनी का काम पूरी तरह से ठप है। ऑयल पर साइबर हमले की इस घटना की जांच जारी रखती हुई असम पुलिस ने नाइजीरियन हैकर के नियंत्रण में ऑयल जाने की बात से निश्चित हुआ है। ऑयल ने प्रोफेशनल आईटी विशेषज्ञों की मदद लेने के साथ असम पुलिस की ओर से हैकरों से ऑयल को मुक्त करने की कोशिश जारी है, लेकिन इसमें असम पुलिस नाकाम सिद्ध हो रही है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि नाइजीरियन हैकर ने रसिया के मालवेर (वायरस) द्वारा ऑयल के कंप्यूटर में प्रवेश कर इंटरनेट सर्वर को ठप कर रखा है। ऑयल प्राधिकरण ने बताया कि हैकरों ने ऑयल से 75 लाख यूएस डॉलर कीमत के क्रिप्ट करेंसी की मांग की है। मांगी गई धनराशि देने से ही हैकर ऑयल का नेटवर्क रिहा कर देगा। उल्लेखनीय है कि बीते 10 अप्रैल में ऑयल के मुख्यालय के एक अज्ञात आईडी से ई मेल प्राप्त हुआ। यह ई-मेल खोलने के साथ ही ऑयल के इंटरनेट सर्वर ठप हो गया। कंप्यूटर में रसियन मालव के प्रवेश कर कंपनी के इंटरनेट के इंटर कनेक्शन बिच्छिन्न हो गया। परिणामत: कार्यालय के डाटा के आदान-प्रदान बंद हो गया।
ऑयल के हैकर की हुई पहचान