गुवाहाटी : कांग्रेस के निलंबित विधायक शेरमान अली अहमद ने बुधवार को कांग्रेस पार्टी को जल्द छोडऩे के संकेत दिए। कांग्रेस विधायक दल ने मंगलवार को असम विधानसभा के अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी को पत्र लिखकर शेरमान अली को विधानसभा सदन से अयोग्य घोषित करने की मांग की थी, जिसके बाद बुधवार को वे अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे। अली ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता मूर्खों के स्वर्ग में रह रहे हैं और भाजपा का मुकाबला करने के लिए रणनीति बनाने के बजाए अंदरूनी कलह में अपना समय बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह एक मजाक की तरह है। वे कानूनी तौर पर मेरी सदस्यता नहीं छीन सकते। लेकिन जब पार्टी ने मेरे खिलाफ ऐसा कदम उठाया है, इसलिए मुझे इस मुद्दे पर फिर से सोचना होगा। जब पूरी पार्टी मेरे खिलाफ हो तो पार्टी में रहने का कोई फायदा नहीं है। राज्य के मुस्लिम अल्पसंख्यकों के लिए मुखर रहे अली ने कहा कि वह निर्णय लेने से पहले अपने निर्वाचन क्षेत्र में अपने समर्थकों तक पहुंचेंगे। अली ने कहा कि मैं अपना निर्णय लेने से पहले अपने समर्थकों और अल्पसंख्यक शुभचिंतकों से बात करूंगा ? लेकिन अगर वे मुझे कांग्रेस में रहने के लिए कहते हैं तो मैं सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लूंगा। उल्लेखनीय है कि असम आंदोलन के शहीदों के खिलाफ विवादित बयान देने और राज्य के मियां मुसलमानों के लिए आधिकारिक मान्यता की मांग करने के बाद अली काफी समय से अपनी ही पार्टी से जांच के दायरे में हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रिपुन बोरा ने तृणमूल कांग्रेस में शामिल चुके हैं। उनका अनुसरण करके बुधवार को प्रदेश कांग्रेस के कई पदाधिकारी भी तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए जिनमें कांग्रेस के सचिव गजेंद्र प्रसाद उपमन्यु, दिगंत भूषण बर्मन, वनदीप दत्ता और अरूपज्योति भूइयां शामिल हैं। गुरुवार को कांग्रेस के पूर्व मंत्री विस्मिता गोगोई भी कांग्रेस छोडक़र औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल होंगी। सांसद प्रद्युत बोरदोलोई भी भाजपा में शामिल होने की संभावना है। चर्चा में आ रही है कि विधायक रेकिबुद्दीन अहमद, रकिबुल हुसैन भी कांग्रेस छोडक़र एजीपी में शामिल होंगे। कांग्रेस विधायक नुरुल हुदा भी कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ मुखर हो रहा है।
शेरमान ने कांग्रेस छोडऩे के दिए संकेत