बर्लिन : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जर्मनी की राजधानी बर्लिन में हैं। उन्होंने जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज से मुलाकात की। दोनों ने भारत और जर्मनी के बीच सहयोग को बढ़ावा देने पर बातचीत की। फेडरल चांसलरी में पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद दोनों डेलीगेशन स्तर की बैठक में शामिल हुए। इधर, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी जर्मनी की विदेश मंत्री एनालेना बेरबॉक के साथ विभिन्न मुद्दों पर मीटिंग की। जयशंकर ने कहा कि जर्मन विदेश मंत्री एनालेना बेयरबॉक के साथ अच्छी बातचीत हुई। हमने रूस-यूक्रेन युद्ध और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के बारे    में चर्चा की। दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच सीधे तौर पर संपर्क हो सके, इसे लेकर एग्रीमेंट साइन किया गया है। पीएम मोदी भारतीय समयानुसार 1 मई की रात बर्लिन पहुंचे। वहां होटल एडलॉन केम्पिंस्की में उन्होंने भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की। उन्होंने एक बच्चे से गाना भी सुना। पीएमसे मिलते हुए कुछ लोगों ने भारत माता की जय के नारे भी लगाए। बर्लिन में पीएममोदी का स्वागत करने एक बच्ची मान्या मिश्रा भी पहुंची। बच्ची ने बताया कि मोदी जी से मिलकर बहुत अच्छा लगा। मैंने उन्हें कहा कि मुझे गर्व है कि आप हमारे देश के प्रधानमंत्री हैं। मैंने उन्हें अपनी पेंटिंग दिखाई, उन्होंने इस पर अपना ऑटोग्राफ भी दिया। वहीं, भारतीय मूल के गौरांग कुटेजा ने कहा कि हम पीएममोदी की एक झलक पाने के लिए उत्साहित थे। हम 400 किमी की दूरी तय करके बर्लिन आए। पीएममोदी ने भारतीय मूल के सभी लोगों का सम्मानपूर्वक अभिनंदन किया। हम सभी प्रधानमंत्री के संबोधन के इंतजार में हैं। पीएमआज जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज के साथ छठे भारत-जर्मनी इंटर-गवर्नमेंटल कंसल्टेशन (आईजीसी) में शामिल होंगे। फिर शाम को बर्लिन में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। इसके बाद, पीएम3 मई को इंडो-नॉर्डिक सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, फिर डेनमार्क की राजधानी कोपेन हेगन में भी भारतीयों को संबोधित करेंगे। सबसे आखिर में पीएम मोदी पेरिस में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे। यह पीएमका इस साल का पहला विदेशी दौरा है। वह 2 से 4 मई की अपनी इस यात्रा में तीन यूरोपीय देश जर्मनी, डेनमार्क और फ्रांस जाएंगे। पीएम मोदी ने बर्लिन पहुंचते ही ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि वह चांसलर ओलाफ स्कोल्ज से बात करेंगे। इसके अलावा व्यापारिक नेताओं के साथ बैठक और एक सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित भी करेंगे। उन्हें विश्वास है कि यह यात्रा भारत और जर्मनी की दोस्ती को बढ़ावा देगी। पीएमओ से जारी प्रेस रिलीज में पीएमकी इस विजिट के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। इसमें कहा गया है कि 2021 में भारत-जर्मनी डिप्लोमैटिक रिश्तों को 70 साल पूरे हो गए हैं, साथ ही हम साल 2000 से ही स्ट्रैटेजिक पार्टनर भी हैं। मैं चांसलर स्कोल्ज के साथ रणनीतिक, क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर चर्चा करूंगा। जर्मन चांसलर और मैं हमारे उद्योग सहयोग के लिए एक बिजनेस राउंडटेबल मीटिंग को भी संबोधित करेंगे। यूरोप महाद्वीप भारतीय मूल के 10 लाख से ज्यादा लोगों का घर है। इनकी एक बड़ी संख्या जर्मनी में रहती है। पीएममोदी यहां भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करेंगे। इसके बाद पीएम मोदी 3 मई को डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन पहुंचेंगे। यहां पर वो 3 और 4 मई को प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ एक बाइलेटरल कार्यक्रम और दूसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। इसके साथ ही आर्थिक सुधार, जलवायु परिवर्तन और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। शिखर सम्मेलन के दौरान पीएममोदी चार और नॉर्डिक देश के नेताओं से मिलेंगे। नॉर्डिक रीजन में डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और स्वीडन शामिल हैं। नॉर्डिक देश भारत के लिए सस्टेनेबिल और रिन्यूएबल एनर्जी, डिजिटलीकरण और इनोवेशन में महत्वपूर्ण भागीदार हैं।