गुवाहाटी : गौहाटी उच्च न्यायालय ने सोमवार को बरपेटा सत्र अदालत की ओर से गुजरात विधायक जिग्नेश मेवाणी को जमानत देने के दौरान की गई टिप्पणियों को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया। राज्य सरकार ने बरपेटा सत्र अदालत द्वारा मेवाणी की जमानत के आदेश को चुनौती देकर निचली अदालत के उस आदेश को रद्द करने के लिए उच्च न्यायालय के समक्ष प्रार्थना की थी। उल्लेखनीय है कि सत्र अदालत ने न केवल मेवाणी को जमानत दी थी, बल्कि राज्य पुलिस को मेवाणी के खिलाफ एक मामला गढऩे के कारण फटकार भी लगाई थी। राज्य के महाधिवक्ता देवजीत सैकिया ने मीडिया को बताया कि उच्च न्यायालय ने यह भी देखा है कि जिला न्यायाधीश ने राज्य पुलिस और सरकार के खिलाफ टिप्पणी करते हुए अपनी सीमा पार कर ली है, जिससेे पुलिस बलों का मनोबल ह्रास हुआ है। निचली अदालत की टिप्पणियों पर रोक लगाते हुए उच्च न्यायालय ने मेवाणी को नोटिस भी जारी किया है। हाईकोर्ट ने कुरियर और दस्ती सर्विस के जरिए भी मेवाणी को नोटिस सौंपने को कहा है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई की अगली तारीख 27 मई तय की है। महाधिवक्ता सैकिया ने कहा कि उच्च न्यायालय ने यह भी देखा कि निचली अदालत ने मेवाणी मामले में बिना किसी सामग्री के टिप्पणी की थी। इस बीच मेवाणी ने सोमवार को असम सरकार और उसकी पुलिस को उसे गिरफ्तार करने की साजिश रचने के लिए फटकार लगाई।
गौहाटी हाईकोर्ट ने बरपेटा कोर्ट की टिप्पणियों को रखा स्थगित, मेवानी को नोटिस