गुवाहाटी: आखिरकार नौ साल के बाद गुवाहाटीवासियों को मंगलवार को मेयर तथा डिप्टी मेयर मिल गया। लोगों में इस बात की उम्मीद जगी है कि अब उनकी समस्याओं का समाधान होगा। उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मृगेन शरणिया को उनके अनुभव के आधार पर गुवाहाटी नगर निगम (जीएमसी)का मेयर घोषित किया है। मंगलवार को प्रदेश भाजपा मुख्यालाय में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भवेश कलिता, मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा, प्रदेश भाजपा के सांगठनिक महासचिव फनींद्रनाथ शर्मा के अलावा पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में सभी पार्षदों को बुलाया गया और बैठक की गई। बैठक के दौरान शीर्ष नेतृत्व ने सभी पार्षदों से एक-एक कर मेयर के लिए वोङ्क्षटग की व्यवस्था के साथ ही उनकी राय भी पूछी गई। सूत्रों के अनुसार पूर्व गुवाहाटी विधानसभा के 29 नंबर वार्ड के पार्षद मृगेन शरणिया के पक्ष में अधिक मत पड़े,जिसके बाद प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भवेश कलिता ने मेयर के नाम की घोषणा की। उल्लेखनीय है कि मेयर के पद के लिए मतदान कराए गए, लेकिन डिप्टी मेयर के नाम पर खुद मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के अलावा पार्टी के अन्य नेताओं ने सर्वसम्मति से स्मिता राय के नाम पर सहमति जताते हुए उनके नाम की घोषणा की। मालूम हो कि भवेश कलिता की ओर से मेयर के रूप में मृगेन शरणिया के नाम की घोषणा करने के साथ ही 38 नंबर वार्ड पार्षद शशांक ज्योति डेका ने पार्षदों के साथ चल रही बैठक छोडक़र बाहर निकल गए। पार्टी सूत्रों की मानें तो डेका को शीर्ष नेतृत्व की ओर से मेयर बनाने का आश्वासन दिया गया था,लेकिन ऐन मौके पर डेका की जगह मृगेन को मेयर बनाने की घोषणा कर दी। डेका की नाराजगी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष कलिता ने पार्षदों से कहा कि हम लोगों ने मृगेन शरणिया को मेयर नहीं बनाया,बल्कि अधिकांश पार्षदों ने उसके पक्ष में मतदान किया तो कुछ ने मौखिक रूप से समर्थन किया,जिसके आधार पर उसके नाम की घोषणा की गई। भवेश कलिता ने सभी पार्षदों से कहा कि अगर कोई पार्षद मृगेन के पक्ष में पड़े मतदान को देखना चाहते हैं तो वे देख सकते हैं। हालांकि किसी भी पार्षदों ने कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में पूर्व गुवाहाटी के विधायक सिद्धार्थ भट्टाचार्य और दिसपुर के विधायक अतुल बोरा को नहीं बुलाया गया था। यहां तक कि सभी पार्षदों को अमित शाह के आगमन में होने वाली जनसभा की तैयारी पर चर्चा के लिए बुलाया गया। माना जा रहा है कि दोनों विधायक को एक तय रणनीति के तहत नहीं बुलाया गया ताकि वे मेयर के चयन प्रक्रिया में बाधा न डालें। उल्लेखनीय है कि मेयर तथा डिप्टी मेयर के नाम की घोषणा के बाद पार्टी के अंतर कलह के कारण मुख्यमंत्री ने सभी को एकजुट होकर काम करने का सुझाव दिया। साथ ही मेयर शरणिया और डिप्टी मेयर स्मिता राय को उन्होंने सम्मानित किया।