नई दिल्ली : बुलडोजर से घरों को गिराए जाने के विवाद के बाद भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को कांग्रेस पर हमला बोला है। पार्टी ने आरोप लगाया  कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ पहली बार बुलडोजरों के इस्तेमाल का आदेश इंदिरा गांधी की तरफ से दिया गया था। भाजपा के आईटी सेल के इंचार्ज अमित मालवीय ने ट्वीट में अप्रैल 1976 में इमरजेंसी के दौरान तुर्कमान गेट पर हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यह अल्पसंख्यकों पर बुलडोजर  के इस्तेमाल का पहला मामला था। मालवीय ने ट्वीट में कहा कि क्या कांग्रेस पार्टी में मनीष तिवारी से लेकर राहुल गांधी तक सभी भूलने की बीमारी से पीडि़त हैं या उन्हें अपने इतिहास के बारे में जानकारी ही नहीं है? नाजियों और यहूदियों को भूल जाएं। भारत में इंदिरा गांधी ही थीं, जिन्होंने पहली बार अल्पसंख्यकों के खिलाफ तुर्कमान गेट पर बुलडोजर चलाने का आदेश दिया था। अगले ट्वीट में मालवीय ने कहा कि अप्रैल 1976 को इमरजेंसी के दौरान इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी ने मुस्लिम पुरुषों और महिलाओं की जबरदस्ती नसबंदी करवाने की कोशिश की थी। जब उनकी तरफ से विरोध हुआ, तब तुर्कमान गेट पर बुलडोजर भेज दिए गए। इसमें 20 लोगों की मौत हुई थी। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख ने कहा कि कांग्रेस का नाजियों के प्रति प्यार इंदिरा गांधी तक ही सीमित हो जाना चाहिए। मनीष तिवारी ने अपने एक लेख में लिखा था कि दिल्ली और देश के विभिन्न हिस्सों में सांप्रदायिक संघर्ष से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के घरों और आजीविका को नष्ट करने के लिए बुलडोजर हाल ही में ‘पसंद की गदा’ के रूप में बहुत चर्चा में रहा है। वास्तव में सुप्रीम कोर्ट को ‘बुलडोजर’ के उपयोग पर रोक लगाने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसे ‘अवैध अतिक्रमण’ हटाने के लिए एक नियमित अभियान के रूप में सख्ती से तैनात किया जा रहा था। दिखावा इतना कमजोर है कि अगर इसके निहितार्थ बहुत ज्यादा नहीं होते तो यह लगभग उपहासपूर्ण होता।