धर्मशाला : हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मुख्य द्वार पर खालिस्तान के झंडे लटकाए जाने और इसकी दीवारों पर कुछ आपत्तिजनक नारे लिखे जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने रविवार को इसकी जानकारी देते हुए घटना की जांच शुरू कर दी है। विधानसभा परिसर के मुख्य गेट नंबर एक की बाहरी तरफ ये झंडे लटके मिले जिन्हें अब प्रशासन ने हटा दिया है। हिमाचल विधानसभा का शीतकालीन सत्र अमूमन धर्मशाला में आयोजित होता है। कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक कुशल शर्मा ने कहा कि यह घटना संभवत: देर  रात या आज सुबह-सुबह हुई होगी। हमने विधानसभा गेट से खालिस्तानी झंडे हटा दिए हैं। हम इसकी जांच कर रहे हैं और इस संबंध में मामला दर्ज करने जा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर  ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि दोषियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। जयराम ठाकुर ने ट्वीट किया कि मैं रात के अंधेरे में धर्मशाला विधानसभा परिसर के गेट पर खालिस्तान के झंडे लगाने की कायराना घटना की निंदा करता हूं। वहां केवल विधानसभा का शीतकालीन सत्र आयोजित होता है, और इसलिए केवल उसी समय के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि  हिमाचल सौहार्दपूर्ण राज्य है और यहां शांति कायम रहनी चाहिए। धर्मशाला में हुई घटना के दोषी जहां भी होंगे उन्हें शीघ्र पकड़ा जाएगा। उन लोगों का यह कायरतापूर्ण दौर अब अधिक नहीं चलेगा। निश्चित तौर पर इस घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। धर्मशाला की उपजिलाधिकारी शिल्पी ब्रेकता ने कहा कि हमें आज सुबह करीब साढ़े सात बजे यह सूचना मिली। हमने झंडे हटा दिए हैं और दीवारों को फिर से रंगा गया है। हम मामले की जांच कर रहे हैं और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने जा रहे हैं। यह हमारे लिए बेहद सतर्क होने का समय है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के गेट पर खालिस्तान के झंडे लटकाए जाने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।