नई दिल्ली : दिल्ली में करीब दो साल पहले नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन से देशभर में सुर्खियों में आया शाहीन बाग आज फिर हल्ला-हंगामे के दौर में है। वजह- एमसीडी का बुलडोजरज् यहां आज से अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया जाना था। इसके लिए एमसीडी के बुलडोजर जैसे ही शाहीन बाग पहुंचे, हंगामा शुरू हो गया। लोगों के विरोध के बाद दोपहर करीब 12.30 बजे एमसीडी के बुलडोजर वापस चले गए। इसके बाद लोगों ने यहां तिरंगा लहराया। इधर, शाहीन बाग में अतिक्रमण हटाने की मुहिम के खिलाफ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सवादी यानी सीपीआईएम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में यह कहते हुए दखल देने से इनकार कर दिया कि याचिका किसी भी प्रभावित पक्ष की बजाय एक राजनीतिक दल ने दायर की है। कोर्ट ने कहा कि अदालत को इन सब के लिए मंच नहीं बनाया जाना चाहिए। कोर्ट ने अतिक्रमण हटाने की मुहिम से प्रभावित लोगों से हाईकोर्ट जाने को कहा है। इससे पहले, पुलिस फोर्स न मिलने की वजह से सोमवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होने को लेकर संदेह बना हुआ था, लेकिन करीब 10.30 बजे दिल्ली पुलिस ने फोर्स मुहैया कराने पर रजामंदी दे दी । इसके बाद 11 बजे के लगभग एमसीडी के बुलडोजर शाहीन बाग की मुख्य सडक़ पर पहुंच गए। इसके पहले, सोमवार को कार्रवाई के विरोध में लोग बुलडोजरों के सामने लेट गए। कुछ महिलाएं बुलडोजर पर चढ़ गईं। वहीं, कुछ जगहों पर लोग सडक़ों पर ही धरने पर बैठ गए। हंगामा बढ़ते देख पुलिस ने लोगों को वहां से हटाया। कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया। इसके बावजूद कार्रवाई का विरोध जारी रहा। विरोध के बाद अफसरों ने कहा कि फिलहाल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रोक दी गई है। दिल्ली पुलिस से फोर्स मिलने के बाद दक्षिण दिल्ली एमसीडी ने अगले 5 दिनों तक अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके मुताबिक, आज यानी 9 मई को दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।