जोरहाट : राज्य में लगातार हो रही बरसात के चलते ब्रह्मपुत्र नद और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। इसके चलते रविवार से जोरहाट-माजुली के बीच चलने वाली फेरी सेवा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। भारी बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र के  जलस्तर में असामान्य वृद्धि को देखते हुए विश्व के सबसे बड़े नदी दीप माजुली जिला प्रशासन ने एक अहम फैसला लिया। निमाती-कमलाबाड़ी और अन्य फेरी घाटों से फेरी सेवाओं आज से अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया। बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के मद्देनजर नौका संचालन में समस्याओं के कारण जिला प्रशासन ने यह निर्णय लिया। मालूम हो कि ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर अचानक बढऩे से लोगों की ङ्क्षचता भी बढऩे लगी है। जोरहाट जिले के कई हिस्सों में भी ब्रह्मपुत्र का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। इधर पिछले तीन-चार दिनों से लगातार हो रही बरसात के कारण जोरहाट-माजुली फेरी सेवा भी नियमित रूप से नहीं चलाई जा रही है। जोरहाट वाटर रिसोर्स डिवीजन की ओर से दी गई रिपोर्ट में निमाटीघाट में ब्रह्मपुत्र का जलस्तर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है। निमाटीघाट में डेंजर लेवर 85.54 मीटर पर है। लेकिन शाम तक जलस्तर 85.42 मीटर पर दर्ज किया गया था। वहीं दूसरी तरफ माजुली वाटर रिसोर्स कंट्रोल रूम द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार कमलबाड़ी में ब्रह्मïपुत्र नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक तेजी से पहुंच रहा है। उल्लेखनीय कि कमलाबाड़ी में खतरे का लेवल 84.90 मीटर है। वहीं जेंगराईमुख में बहने वाले सुवनसिरी नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान तक पहुंचने वाला है। इधर जलस्तर में बढ़ोत्तरी को लेकर इलाके के लोगों में डर बढ़ता जा रहा है। इसे लेकर माजुली जिला प्रशासन ने भी एक निर्देश के तहत जानकारी दी है कि आईडब्लयूटी के कार्यकारी अभियंता से मिली रिपोर्ट के आधार पर माजुली जिला प्रशासन ने माजुली जिले से चलने वाली सभी फेरी सेवाओं को बंद कर दिया है। साथ ही जिले के लोगों को घाट के किनारे जाने से साफ मना किया है। वहीं प्रशासन ने लोगों की सहूलियत हेतु माजुली-जोरहाट के बीच डिबू्रगढ़ के रास्ते स्पेशल बस सेवा शुरू प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस जलस्तर बढऩे को लेकर आंतरिक जल परिवहन विभाग के अधिकारी लगातार स्थिति का जायजा ले रहे हैं। ब्रह्मपुत्र नद के खतरे के निशान से ऊपर बढऩे के कारण प्रशासन द्वारा जरूरी तैयारियां की जा रही है। वहीं जलस्तर बढऩे की सूचना मिलने के बाद ही जोरहाट जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। प्रशासन इस मामले को बिल्कुल हल्के में नहीं ले रहा और जल संपदा विभाग के कार्यकारी अभियंता व विभागीय अधिकारी जायजा लेने में जुट गए हैं। प्रशासन के आला अधिकारी इस मामले पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और विभागीय अधिकारियों से हर घंटे की अपडेट भी ले रहे हैं। विभागीय अधिकारी के अनुसार जिला प्रशासन किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।