नई दिल्ली : इंडिगो एयरलाइन के कर्मचारियों की तरफ से पिछले हफ्ते एक दिव्यांग बच्चे को रांची हवाईअड्डे पर विमान में चढऩे से रोकने के मामले में डीजीसीए का बयान आया है। विमानन नियामक ने कहा है कि प्रथम दृष्टया इंडिगो को नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। एयरलाइन को मामले में कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। डीजीसीए के मुताबिक कि समिति की जांच के निष्कर्ष के अनुसार, इंडिगो के कर्मचारी यात्रियों के साथ सही तरीके से पेश नहीं आए और इस तरह उन्होंने लागू नियमों के अनुरूप काम नहीं किया। डीजीसीए ने कहा कि इसके मद्देनजर उसके अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए विमानन कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी करने का फैसला किया गया है, जिसमें उसे बताना होगा कि नियमों के अनुरूप काम नहीं करने पर उसके खिलाफ उचित कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। विमानन नियामक ने कहा कि सभी पक्षों के लिए न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विमानन कंपनी को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया है और इसके अलावा उसे आज से यानी 26 मई, 2022 से अगले 10 दिन के अंदर लिखित अभ्यावेदन भी देना होगा। उसके अभ्यावेदन को सुनने के बाद कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि इंडिगो ने बच्चे को विमान में सफर की अनुमति न देने को लेकर कहा था कि वह यात्रा करने से घबरा रहा था। इस घटना की जांच डीजीसीए ने की। केंद्रीय नागर उड्डयन एवं विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस पर ट्वीट भी किया और कहा कि पूरी जांच उनकी निगरानी में ही होगी। सिंधिया के सख्त तेवर के बाद एयरलाइन ने इस मामले में माफी मांगी थी।
दिव्यांग बच्चे को विमान पर चढऩे से रोकने का मामला : डीजीसीए ने इंडिगो को माना दोषी