नई दिल्ली: सीबीआई ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ 2004-09 में रेलवे में ‘ग्रुप डी’ की नौकरियों के बदले पटना में एक लाख वर्ग फुट जमीन कथित तौर पर लेने के आरोप में एक नई प्राथमिकी दर्ज की है। साथ ही उनके कई स्थानों पर छापेमारी की अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह मामला तब का है जब संयुक्त प्रगतिशील मोर्चा (संप्रग) सरकार के दौरान लालू रेल मंत्री थे। सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा 18 मई को प्राथमिकी दर्ज करने के बाद एजेंसी ने प्रसाद, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य आरोपियों के दिल्ली, पटना और गोपालगंज परिसरों में 16 स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटियों मीसा भारती व हेमा यादव के अलावा मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर, हाजीपुर के रेलवे जोन में नौकरी पाने वाले 12 लोगों को नामजद किया है। केंद्रीय एजेंसी ने रेलवे में जमीन के बदले नौकरी मामले में 23 सितंबर 2021 को प्रारंभिक जांच दर्ज की थी। रेलवे अधिकारियों द्वारा अनुचित जल्दबाजी में आवेदन करने के तीन दिनों के भीतर उम्मीदवारों को ‘ग्रुप डी’ पदों पर वैकल्पिक तौर पर नियुक्त किया गया था और बाद में इसके बदले में व्यक्तियों या उनके परिवार के सदस्यों द्वारा अपनी भूमि हस्तांतरित करने पर उन्हें नियमित कर दिया गया।जमीन का यह हस्तांतरण राबड़ी देवी के नाम पर तीन विक्रय विलेख, मीसा भारती के नाम पर एक विक्रय विलेख और हेमा यादव के नाम पर दो उपहार विलेख के जरिए किया गया। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि एक बिक्री विलेख एक कंपनी एके इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर निष्पादित किया गया था, जिसमें राबड़ी देवी 2014 में बहुसंख्यक शेयरधारक बन गईं और वर्तमान में कंपनी के निदेशकों में से एक हैं। सीबीआई ने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद के परिवार ने कथित तौर पर उनके द्वारा ली गई जमीनों के बदले 3.75 से 13 लाख रुपये की रकम अदा की जबकि सर्कल दर के मुताबिक उनकी कीमत करीब 4.39 करोड़ रुपये थी। हेमा यादव के उपहार विलेख के मामले में, बृज नंदन राय नाम के एक व्यक्ति ने कथित तौर पर 2008 में 4.21 लाख रुपये में हृदयानंद चौधरी नामक एक व्यक्ति को पटना में 3,375 वर्ग फुट जमीन हस्तांतरित की। चौधरी को बाद में हाजीपुर में स्थानापन्न के रूप में नियुक्त किया गया और उन्होंने बाद में 2014 में हेमा यादव को जमीन स्थानांतरित कर दी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया,उक्त जमीन की कीमत, जिस समय यह तोहफे के तौर पर दी गई, सर्कल दर के मुताबिक 62.10 लाख रुपये थी।
रेलवे में जमीन के बदले नौकरी : सीबीआई ने लालू के खिलाफ नया मामला किया दर्ज