आज के दौर में एलपीजी गैस सिलेंडर हमारी रसोई की खास जरूरत बन गया है। खाना पकाने से लेकर कई दूसरे कामों में इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। वहीं दूसरी तरफ बीते लंबे समय से लगातार एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि हो रही है। ऐसे में एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों के बढ़ने का बुरा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। क्या आपको इस बारे में पता है कि आखिर रसोई गैस सिलेंडर के दामों को कैसे तय किया जाता है? अगर नहीं, तो आज हम आपको उसी के बारे में बताने वाले हैं। इसके अलावा हम ये भी जानेंगे कि आखिर बीते कुछ वक्तों में रसोई गैस सिलेंडर के दामों में वृद्धि क्यों हो रही है? आइए जानते हैं - भारत में एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों को निश्चित करने में डॉलर एवं रुपए का एक्सचेंज रेट और अंतर्राष्ट्रीय बेंचमार्क रेट एक बड़ी भूमिका निभाते हैं। इंटरनेशनल मार्केट में जब भी एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में इजाफा होता है या डॉलर की अपेक्षा रुपया कमजोर होता है। इस स्थिति में देश में रसोई गैस सिलेंडर के दामों में वृद्धि होने लगती है। भारत में एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों को एक खास फॉर्मूले की मदद से तय किया जाता है। इसके लिए इंपोर्ट पैरिटी प्राइस का इस्तेमाल किया जाता है। आईपीपी फॉर्मूले का निर्धारण इंटरनेशनल मार्केट में एलपीजी गैस की कीमतों के जरिए किया जाता है। भारत बड़े पैमाने पर एलपीजी गैस सिलेंडर को दूसरे देशों से आयात करता है। भारत में सऊदी अरामको की एलपीजी कीमत से आईपीपी का बेंचमार्क तय किया जाता है। वहीं एलपीजी गैस सिलेंडर को ग्राहक तक पहुंचाने के बीच समुद्र के रास्ते ढुलाई, फ्री ऑन बोर्ड, कस्टम ड्यूटी, इंश्योरेंस आदि चीजें भी उसकी कीमतों को तय करने में एक बड़ी भूमिका निभाती हैं। क्यों बढ़ रही है देश में एलपीजी गैस की कीमतें? देश में एलपीजी गैस की कीमतों का बढ़ने का एक बड़ा कारण रुपया का डॉलर के मुकाबले कमजोर होना है। इसके अलावा रूस यूक्रेन युद्ध के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल कीमतों की बढ़ने की वजह से एलपीजी गैस की ढुलाई और सप्लाई चेन पर भी असर पड़ा है। इस कारण गैस सिलेंडर की कीमतें पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ रही हैं। वहीं कोरोना महामारी के बाद जब सब कुछ सामान्य होने लगा। उसके बाद दुनिया भर में बड़े पैमाने पर एलपीजी गैस सिलेंडर की मांग में वृद्धि हुई। वहीं सप्लाई चेन के कमजोर और रूस यूक्रेन युद्ध के चलते उसकी कीमतों में लगातार वृद्धि होने लगी।
कैसे तय होती है एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत