चंडीगढ़ : पंजाब के मानसा जिले में रविवार को अज्ञात हमलावरों ने मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी। राज्य सरकार द्वारा मूसेवाला की सुरक्षा वापस लिये जाने के एक दिन बाद यह घटना हुई। पुलिस उपाधीक्षक (मानसा) गोबिंदर सिंह ने  बताया कि 27 वर्षीय मूसेवाला को कई गोलियां लगीं। वह एक जीप में अपने दो दोस्तों के साथ यात्रा कर रहे थे, तभी जवाहर के गांव में उन पर हमला किया गया। मानसा के सिविल सर्जन डॉक्टर रंजीत राय ने पत्रकारों को बताया कि सिविल अस्पताल लाए जाने से पहले ही मूसेवाला की मौत हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि हमले में गोली लगने से घायल हुए दो अन्य लोगों को दूसरे अस्पताल में भेज दिया गया। मूसेवाला ने हालिया विधानसभा चुनाव में मानसा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था और वह आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार डॉक्टर विजय सिंगला से हार गए थे। पंजाब पुलिस ने शुभदीप सिंह सिद्धू उर्फ सिद्धू मूसेवाला समेत 424 लोगों की सुरक्षा शनिवार को वापस ले ली थी। कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने मूसेवाला की हत्या पर स्तबधता और आक्रोश व्यक्त किया है और उनकी सुरक्षा वापस लेने के लिए राज्य की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि हमले में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मान ने एक ट्वीट में कहा कि सिद्धू मूसेवाला की बर्बर हत्या से मैं स्तब्ध और अत्यधिक दुखी हूं। हमले में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उनके परिवार और दुनिया भर में उनके प्रशंसकों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। मैं हर किसी से शांत रहने की अपील करता हूं। कांग्रेस पार्टी ने ट्वीट किया कि पंजाब से कांग्रेस उम्मीदवार रहे और एक प्रतिभाशाली संगीतकार सिद्धू मूसेवाला की हत्या, कांग्रेस पार्टी और पूरे देश के लिए एक भयानक सदमे की तरह है। उनके परिवार, प्रशंसकों और मित्रों के प्रति हम गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। इस बेहद दुखद घड़ी में हम एकजुट और अडिग हैं। मूसेवाला विधानसभा चुनाव से पहले पिछले साल कांग्रेस में शामिल हुए थे। मूसेवाला को कांग्रेस में लाने में अहम भूमिका निभाने वाले पार्टी की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि वह स्तब्ध हैं। वडिंग ने ट्वीट किया कि भगवंत मान सरकार द्वारा सुरक्षा वापस लेने के 2 दिन बाद ही उन्हें (मूसेवाला को) मानसा में गोलियों से भून दिया गया। पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने (सत्ता में बने रहने का) नैतिक अधिकार खो दिया है। इसे बर्खास्त किया जाना चाहिये। भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी मुख्यमंत्री भगवंत मान और आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि हम पंजाब सरकार को पंजाब की स्थिति के प्रति ध्यान देने की चेतावनी देते रहे हैं। मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के लिए मान के खिलाफ मैं प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करता हूं। साथ ही, केजरीवाल पर भी धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया जाए।