कीव/मॉस्को : रूस-यूक्रेन जंग के 97 दिन बीत चुके हैं। इतना वक्त गुजरने के बाद भी नाटो सेना लड़ाई में सीधे नहीं कूदी है। अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने न्यूयॉर्क टाइम्स में लिखे लेख से एक बार फिर साफ कर दिया कि नाटो फोर्सेस रूस पर हमला नहीं करेंगी। बाइडेन ने अपने आर्टिकल में लिखा कि मैं साफ कर देना चाहता हूं कि हम लोकतांत्रिक, स्वतंत्र, संप्रभु और समृद्ध यूक्रेन देखना चाहते हैं। बाइडेन ने आगे लिखा कि आखिर में यह युद्ध डिप्लोमैटिक तरीके से ही हल होगा। हम यूक्रेन को हथियार इसलिए भेज रहे हैं, ताकि वो युद्ध के मैदान में लड़ सके  और बातचीत की मेज पर मजबूत पोजिशन में हो। जो बाइडेन रूस और नाटो में सीधे युद्ध की संभावना को खारिज करते हुए लिखा- 'हम नाटो और रूस के बीच युद्ध नहीं चाहते हैं। जब तक अमरीका या हमारे सहयोगियों पर हमला नहीं किया जाता है, हम सीधे इस संघर्ष में शामिल नहीं होंगे। इसी बीच रूसी सेना ने यूक्रेन के पूर्वी शहर सेवेरोडोनेट्स्क में एक केमिकल प्लांट पर हवाई हमला किया। इस प्लांट में मौजूद नाइट्रिक एसिड के एक टैंक पर हमला हुआ। लुहांस्क के गवर्नर सर्गेई गेडे ने बताया कि रूसी सैनिकों ने केमिकल प्लांट के टैंक पर हमला किया। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस हमले को पागलपन करार दिया। हमले के बाद गवर्नर ने लोगों से शेल्टर से बाहर नहीं निकलने की अपील की। उन्होंने कहा- स्किन के संपर्क में आ जाने और सांस लेने की स्थिति में नाइट्रिक एसिड बहुत ही खतरनाक है। रूसी सेना ने मंगलवार को खार्किव में लगातार 10 घंटे तक  गोलीबारी की। इस गोलीबारी में 1 व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ है। अमरीका यूक्रेन को 60 किलोमीटर से अधिक की रेंज वाली तोपें मुहैया कराएगा। इनके अगले हफ्ते यूक्रेन पहुंचने की संभावना है। अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने की यूक्रेन को मीडियम रेंज हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम भेजने की परमिशन दे दी है। अमरीकी की तरफ से भेजा जाने वाले यह रॉकेट सिस्टम 70 करोड़ डॉलर की सुरक्षा सहायता का हिस्सा है। इसके अलावा अमरीकी हेलिकॉप्टर, जेवलिन एंटी-टैंक वेपन सिस्टम और टेक्टिकल व्हीकल भी यूक्रेन भेजेगा।