गुवाहाटी : राज्य सरकार ने हाल ही में घोषित हाई स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट परीक्षा में खराब परिणाम दिखाने वाले 102 शिक्षण संस्थानों के प्रधानाध्यापकों को बर्खास्त करने की धमकी दी है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ममता होजाई ने मैट्रिक परीक्षा में खराब परिणाम दिखाने वाले 102 स्कूलों के प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन सरकारी संस्थानों में से 25 में पास दर शून्य प्रतिशत है जिसका मतलब मैट्रिक परीक्षा मेंं कोई भी अभ्यर्थी पास नहीं हुआ। इसके अलावा, 70 स्कूलों में पास दर 10 प्रतिशत से कम है और 10 स्कूलों में पास दर 10 प्रतिशत है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक को प्राचार्यों को भेजे नोटिस में एक सप्ताह के भीतर इस प्रकार के परीक्षा परिणाम का कारण बताने का निर्देश दिया गया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपल को लिखे पत्र में लिखा है कि आपके स्कूल का शैक्षणिक प्रदर्शन बेहद निराशाजनक है। आपके विद्यालय के खराब परिणाम आपकी दक्षता को दर्शाते हैं। दुर्भाग्य से आप अपने कर्तव्यों का पालन करने में विफल रहे हैं। पत्र में प्राचार्य से यह भी पूछा गया कि उनके खराब प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें विभागीय दंड के रूप में बर्खास्त क्यों नहीं किया जाएगा? माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनुसार निम्न मैट्रिक परिणामों की सूची में कछार जिला अव्वल है। कछार जिले के 14 स्कूल प्राचार्यों को नोटिस जारी किया गया है। कार्बी आंग्लांग जिले के 13 स्कूल प्रधानाचार्यों को कारण स्पष्ट करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। बोर्ड ने ग्वालपाड़ा जिले के 9, जोरहाट के 8, कामरूप महानगर के 6, धुबड़ी के 6, पश्चिम कार्बी आंग्लांग के 5 और करीमगंज के 4 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को भी नोटिस जारी किया है। इसी तरह माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने बरपेटा, बंगाईगांव, चिरांग, गोलाघाट और नगांव जिले के तीन-तीन स्कूलों और चराइदेव, डिब्रुगढ़, कामरूप, लखीमपुर, दक्षिण सालमारा, तिनसुकिया और उदलगुरी जिलों के दो-दो स्कूलों को भी नोटिस भेजा है। उल्लेखनीय है कि 2020 वर्ष में भी 17 स्कूलों में मैट्रिक की परीक्षा में एक भी विद्यार्थी पास नहीं हुआ था। उस समय शिक्षा विभाग द्वारा उन स्कूलों को बंद करके शिक्षकों को अन्य स्कूलों में तबादला कर दिया गया था। स्वाभाविक रूप से इस साल भी मैट्रिक की परीक्षा में खराब प्रदर्शन करने वाले 102 सरकारी स्कूलों को बंद करने की संभावना पर चर्चा हो रही है।
बंद हो सकते हैं मैट्रिक परीक्षा में खराब प्रदर्शन करने वाले 102 स्कूल