गुवाहाटी : शक्ति पीठ कामाख्या धाम में हर वर्ष आयोजित होने वाला अंबुवासी मेले मे आने वाले श्रद्धालुओं को रहने व खाने की व्यवस्था करने के लिए नगर के चार स्थानों पर भव्य पंडालों का निर्माण कार्य जारी है। यह मेला आगामी 22 जून से 25 जून तक आयोजित होगा। असम के पर्यटन मंत्री जयंत मल्ल बरुवा ने आज बारिश के मौसम में भी 5 घंटे तक जिला प्रशासन अधिकारी, पुलिस प्रशासन अधिकारियों एवं स्वयंसेवकों के साथ सभी शिविर स्थलों का जायजा लेकर उचित दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर पर्यटन मंत्री ने बताया कि कोविड-19 की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए सिर्फ धार्मिक परंपरा व नियम के कार्यक्रमों के अलावा अन्य सभी कार्यक्रम स्थगित रखे जाएंगे। मेले का  उद्घाटन सत्र  सांस्कृृतिक कार्यक्रम आदि आयोजित नहीं होंगे। हर वर्ष की तरह किसी तरह से प्रचार कार्य भी नहीं किया जाएगा। फैंसी बाजार पुरानी जेल परिसर, कामाख्या स्टेशन, बोरीपाड़ा खेल मैदान और पुराना मालीगांव रेल स्टेशन पर 30 हजार श्रद्धालुओं के रहने व खाने की व्यवस्था की जाएगी। पर्यटन मंत्री ने आगे बताया कि इस वर्ष भी स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मुख्य मंदिर जाने के लिए नीलांचल पहाड़ पर आवश्यक सेवा वाहन के अलावा किसी भी व्यक्तिगत वाहन को जाने नहीं दिया जाएगा। कार पास की व्यवस्था भी इस वर्ष नहीं की जाएगी। कामाख्या मंदिर जाने का मुख्य पथ, पांडू से कामाख्या जाने का नया पथ व पैदल श्रद्धालुओं का पदपथ से ही सभी श्रद्धालुओं को जाने के लिए अनुरोध किया जाता है। दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और अत्यावश्यक  कारणवश आने वाले व्यक्तियों के लिए फेरी बस की व्यवस्था भी की गई है। मुख्य मंदिर के चारों ओर पहाड़ी क्षेत्र में स्वच्छता, रोशनी और आध्यात्मिक संगीत पर भी ध्यान दिया जाएगा। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के अनुरोध पर  25 जून को रजोनिवृत्ति के दिन मंदिर के कपाट खुलने के समय किसी विशिष्ठ अति विशिष्ठ व्यक्ति को दर्शन की अनुमति नहीं होगी। इन व्यक्तियों को साधारण व्यक्तियों के साथ ही सभी नियमों का पालन करते हुए दर्शन करने होंगे। फैंसी बाजार जेल परिसर में बनाने वाले पंडाल में पर्यटन मंत्री ने सरकारी अमले के साथ विचार-विमर्श भी किया एवं कई जरूरी दिशा निर्देश दिए।