हमारे यहां ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ना बहुत सामान्य बात बन गई है। क्योंकि हमारा खान-पान और रहन-सहन ऐसा हो चुका है कि बच्चों में भी शुगर की समस्या देखने को मिल रही है। खास बात है कि अब वे टीनेजर्स या कम उम्र के युवा भी शुगर की चपेट में आ रहे हैं, जिनके परिवार की कोई डायबिटीज से संबंधित हिस्ट्री नहीं है। यानी सीधे तौर पर बात करें तो उन्हें टाइप-2 डायटबिटीज ने कम उम्र में ही अपना शिकार बना लिया है। यहां जानें, जब हमारे खून में शर्करा की मात्रा बढ़ जाती है तब हमारा शरीर कैसे रिऐक्ट करता है और जब यह मात्रा अपने स्तर से कम हो जाती है तब हमारा शरीर कैसे रिऐक्ट करता है। 

जब रक्त में शुगर की मात्रा बढ़ जाती हैः जब खून में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है और यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो व्यक्ति का वजन घटने लगता है। हालांकि उसे भूख अधिक लगने लगती और वह खाना भी पहले की तुलना में अधिक खाता है लेकिन उसका वजन घट रहा होता है। ब्लड में शुगर बढ़ जाने पर व्यक्ति को बार-बार प्यास लगती है। उसका गला सूखा-सूखा महसूस होता रहता है। और जितनी अधिक मात्रा में व्यक्ति पानी पीता है, उतनी ही अधिक बार उसे यूरिन भी जाना होता है। पानी ना पीने पर भी यूरिन की मात्रा कम हो सकती है लेकिन बाथरूम जाने के नंबर्स नहीं। ऐसे में पानी पीते रहना ही सही होता है ताकि शरीर में पानी की कमी ना हो। शुगर के मरीजों को आमतौर पर रात के समय बार-बार पेसाब के लिए जाना पड़ता है। ब्लड में शुगर अधिक होने पर अक्सर हाथ या पैर में सुन्नता आती है या चीटी चलने जैसा अनुभव होता है। कई बार ऐसा लगता है जैसे कुछ सुनाई ही नहीं दे रहा है, एकदम सन्नाटा छा जाने जैसा अनुभव होता है। ब्लड में शुगर बढ़ी होने पर व्यक्ति को बहुत जल्दी थकान हो जाती है। जबकि कुछ लोग हर समय शरीर में कमजोरी अनुभव होने की शिकायत करते हैं। जबकि उनके अनुसार वे ठीक डायट ले रहे होते हैं। 

इस स्थिति में करना चाहिए डॉक्टर से संपर्कः लंबे समय तक ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़े रहने से हार्ट पर भी बुरा असर पड़ता है। साथ ही किडनी और लीवर पर भी अधिक दबाव रहता है। बार-बार प्यास लगने पर आप पानी पीते हैं और किडनी को उतना ही अधिक मात्रा में इसे फिल्टर करना पड़ता है। अगर आपको सिर्फ कमजोरी महसूस हो रही है, तब भी आप डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। अगर हाथ पैर में सुन्नता आना या बार-बार चीटी चलना और यूरिन से जुड़ी समस्या दोनों हो रही हों तब भी आपको डॉक्टर से तुरंत मिलना चाहिए। क्योंकि अगर इस स्थिति में लापरवाही बरतेंगे ते बाद में चक्कर आना, हार्ट से संबंधित समस्या होना या किडनी से संबंधित समस्या होने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए जरूरी होता है कि आप समय रहते डॉक्टर की सलाह ले लें।