धार्मिक दृष्टि से कुछ पेड़-पौधों को बहुत ही पूजनीय माना गया है क्योंकि इनमें देवी-देवताओं का वास होता है। जिस प्रकार तुलसी का पौधा, पीपल और बरगद के पेड़ की पूजा शुभ मानी जाती है उसी प्रकार आक के पौधे का भी बहुत महत्व बताया गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार आक के पौधे में भगवान गणेश का वास माना गया है। वहीं माना जाता है कि भगवान शिव को प्रिय होने के कारण आक के पौधे की पूजा से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और उनकी कृृपा से जीवन में सुख-समृद्धि तथा संतान प्राप्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वहीं सावन का महीना, जिसकी शुरुआत इस साल 14 जुलाई 2022 से हो रही है, भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और सावन के महीने में घर में आक का पौधा लगाने से भगवान शिव की विशेष कृृपा प्राप्त होती है। 

करियर में सफलता के लिए : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुधवार के दिन आक के पौधे की जड़ को अभिमंत्रित करके अपने दाएं हाथ की भुजा में बांधने से आपको अपने करियर में तरक्की हासिल होती है। इसके साथ ही मान्यता है कि भगवान गणेश के संकटनाशक स्तोत्र का पाठ करने से आपको अपने कार्यों में सफलता मिलती है। 

संतान सुख के लिए : वास्तु शास्त्र के अनुसार स्त्री की कमर आक के पौधे को बांधने से सुखी वैवाहिक जीवन और संतान सुख प्राप्ति की मान्यता है। परंतु ध्यान रखें कि मासिक धर्म के दौरान इसे अपनी कमर से उतार कर रख दें और फिर दोबारा इसे अपनी कमर पर बांध लें। 

बुरी नजर से मुक्ति के लिए : यदि आपकी खुशियों को किसी की बुरी नजर लग गई है और जीवन में लगातार कोई ना कोई बादा सामने आ रही है तो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अपने जीवन से नकारात्मकता को दूर करने के लिए घर के मुख्य द्वार पर आंख का पौधा बांध दें।