पेड़-पौधों के आसपास होने से मन को तो शांति मिलती ही है लेकिन, साथ ही इन्हें घर के अंदर और बाहर लगाना भी बेहद अच्छा माना जाता है। इन्हें लगाने से न केवल चारों और हरियाली फैलती है बल्कि, नकारात्मकता भी दूर हो जाती है। साथ ही सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह भी बना रहता है। वास्तु शास्त्र कहता है कि घर में लगाए गए पेड़-पौधों का कनेक्शन सीधे आपके जीवन से जुड़ता है। वास्तु के मुताबिक, हर एक पौधे से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह नहीं होता बल्कि, कई पौधे ऐसे भी होते हैं। जिन्हें लगाने से घर में क्लेश और दरिद्रता का आगमन शुरू हो जाता है। वो आपके दुर्भाग्य का कारण बन सकते हैं। इसलिए, भूलकर भी उन पौधों को न लगाया जाए। तो, चलिए जानते हैं कि किन पौधों को घर में नहीं रखना चाहिए।
नींबू और आंवला : नींबू और आंवले को विटामिन सी का अच्छा स्रोत माना जाता है। इन दोनों ही चीजों को डाइट का हिस्सा बनाने की सलाह भी दी जाती है। लेकिन, इसके लिए आपको इन दोनों के पौधे को कभी भी घर या बाहर नहीं लगाना चाहिए। वास्तु शास्त्र के मुताबिक, नींबू और आंवले का स्वाद खट्टा होता है। जिसका सीधा असर लोगों की जिंदगी पर पड़ता है। इससे घर में रहने वाले लोगों की जिंदगी में मिठास के बजाय खटास बढ़ने लगती है और आपस में तनाव पसर जाता है। इसलिए इन्हें लगाने से बचना चाहिए।
बबूल : शास्त्रों के मुताबिक, घर मे बबूल के पौधे की मौजूदगी से विवाद की स्थिति बढ़ जाती है। इससे परिवार के सदस्य मानसिक तौर पर बीमार रहने लगते हैं। इसका घर के आसपास होना भी अशुभ है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक, बबूल के पेड़ में कांटे होते हैं। जो रुकावट यानी नकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। अगर आप इस पेड़ को अपने घर के अंदर या बाहर लगा लेते हैं तो ये नकारात्मक ऊर्जा आपके घर में भी प्रवेश करने लगती है। जिससे आपकी जिंदगी की गाड़ी बेपटरी होते देर नहीं लगती।
मेहंदी : मेहंदी एक भीनी सुगंध छोड़ती है। माना जाता है कि मेहंदी के पौधे में बुरी शक्तियों का वास होता है। इस पौधे को घर में लगाने से नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ये घर की सुख-शांति को भंग कर सकता है।