कोलंबो : श्रीलंका में पिछले तीन महीने से जारी आर्थिक और राजनीतिक संकट के बीच राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे देश छोडक़र जा चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वो पास के ही किसी पड़ोसी देश में हैं। उनके बुधवार तक देश लौटने का अनुमान है। दूसरी तरफ गोटबाया ने आधिकारिक तौर पर इस्तीफे की घोषणा कर दी है। उन्होंने इस बारे में पीएम रानिल विक्रमसिंघे को जानकारी दी है। श्रीलंका के प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, राष्ट्रपति ने कहा है कि वो अपनी घोषणा के मुताबिक इस्तीफा दे देंगे। श्रीलंका के केंद्रीय बैंक गवर्नर नंदलाल वीरसिंघे ने उन अटकलों को खारिज कर दिया है, जिनमें उनके नौकरी छोडऩे की बात कही जा रही थी। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर देश में राजनीतिक स्थिरता नहीं आई तो आईएमएफ से बेलआउट पैकेज मिलने में देरी हो सकती है। श्रीलंका में सर्वदलीय सरकार बनने के बाद विक्रमसिंघे सरकार के मंत्री भी इस्तीफा देंगे। राष्ट्रपति गोटबाया के इस्तीफा नहीं देने तक प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति भवन खाली नहीं करेंगे। श्रीलंका के केंद्रीय बैंक गवर्नर ने पद छोडऩे की अटकलों को खारिज किया। श्रीलंका के राष्ट्रपति भवन पर प्रदर्शनकारियों के कब्जे के बाद से उनकी वहां मस्ती और गैरजिम्मेदार हरकतों की तस्वीरें सामने आ रही थीं। सोमवार सुबह प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन के ग्राउंड में जमा कचरे को साफ करके अपनी जिम्मेदारी का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने ग्राउंड को पूरा साफ किया और कचरा जमा करके उसे थैलियों में पैक करके फिंकवाया। उन्होंने कहा कि यह गंदगी हमने फैलाई थी,इसलिए इसे साफ करना भी हमारी जिम्मेदारी बनती है। यह एक सार्वजनिक क्षेत्र है। हम यहां व्यवस्था बदलने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। रविवार को एक और वीडियो सामने आया जिसमें राष्ट्रपति भवन में खुफिया रास्ता होने का दावा किया गया। प्रदर्शन कर रहे लोगों का दावा है कि राष्ट्रपति अपनी जान बचाकर इसी खुफिया रास्ते से देश छोडक़र भागे हैं। राष्ट्रपति भवन के फस्र्ट फ्लोर पर ये बंकर बनाया गया है। बंकर से बाहर जाने के पहले यहां लकड़ी की अलमारी फिट की गई है। इसकी बनावट ऐसी है कि किसी को एक बार में इसे जान पाना मुमकिन नहीं है। गोटबाया ने रविवार को श्रीलंका के अफसरों को एक निर्देश जारी किया है। राजपक्षे ने अधिकारियों को गैस की अनलोडिंग और उसकी सप्लाई का काम तेजी से करने का निर्देश दिया है क्योंकि रविवार को केरावलपिटिया में पहला जहाज गैस लेकर पहुंचेगा। श्रीलंकाई मीडिया के अनुसार, 3,740 मीट्रिक टन गैस लेकर आने वाला दूसरा जहाज 11 जुलाई को पहुंचेगा और तीसरा 3,200 मीट्रिक टन गैस 15 जुलाई को आएगा। इधर, श्रीलंका में नई सरकार के गठन को लेकर विपक्षी दलों ने तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक मुख्य विपक्षी दल समागी जन बालवेगया और उसके सहयोगी दल सर्वदलीय सरकार के गठन के लिए जल्द स्पेशल पार्टी मीटिंग बुला सकते हैं। अगर विपक्षी दलों का प्रयास कामयाब रहा तो यह दो महीने में तीसरी सरकार होगी। इन्वेस्टमेंट प्रमोशन मिनिस्टर धम्मिका परेरा ने आज मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। धम्मिका बीते दो महीने में मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले चौथे मंत्री हैं। वहीं, दूसरी तरफ सेना प्रमुख शैवेंद्र सिल्वा ने लोगों से सिक्योरिटी फोर्सेज और पुलिस का सहयोग करने की अपील की है, ताकि देश में शांति स्थापित की जा सके। गोटबाया राजपक्षे ने 13 जुलाई को सशर्त इस्तीफा देने का ऐलान किया है। गोटबाया 8 जुलाई के बाद कोलंबो में नहीं दिखे हैं। श्रीलंकन सरकार में मंत्री हिरेन फर्नांडो और मनुषा ननयकारा ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को भेजा है। श्रीलंका पुलिस ने देश में बिगड़ते हालात के बीच कई प्रान्तों में कर्फ्यू लगाया। चीफ डिफेंस स्टाफ ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। प्रदर्शनकारियों ने समागी जाना बालवेगया के सांसद रजिता सेनारत्ने पर हमला किया। आंदोनलकारियों ने प्रदर्शन के 116 दिन बाद शनिवार को राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के आवास पर कब्जा कर लिया। हाउस पर कब्जे के बाद कोलंबो से फरार गोटबाया ने 13 जुलाई को इस्तीफा देने का फैसला किया है। इससे पहले उनके भाई महिंद्रा राजपक्षे मई में प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं। श्रीलंका में राजपक्षे परिवार के खिलाफ इसी साल 15 मार्च को प्रदर्शन शुरू हुआ था। इधर, प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के निजी आवास को आग के हवाले कर दिया गया था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस ने आगजनी की घटना को अंजाम दिया है। हालांकि पुलिस ने इससे इनकार किया है। श्रीलंका में आर्थिक और राजनीतिक संकट का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने कल प्रधानमंत्री के निजी घर में आग लगा दी थी। हालांकि अब प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस ने ही प्रधानमंत्री के घर में आग लगाई है। जब घटना का वीडियो बनाया जा रहा था तो पुलिस ने जबरन लोगों के कैमरे बंद कर दिए। श्रीलंका में प्रदर्शनकारियों के राष्ट्रपति आवास पर कब्जा करने के बाद सबके मन में एक ही सवाल है, आखिर गोटबाया कहां गायब हो गए? स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गोटबाया शुक्रवार को राष्ट्रपति आवास पर ईरान के राजदूत से मिले थे। इसके बाद उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।