देवों के देव महादेव के प्रिय महीना सावन शुरू हो चुका है। कहते हैं इस महीने जो भी शिव भक्त सच्ची श्रद्धा के साथ शिवपूजन करता है। उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। सिर्फ एक लोटा जल चढ़ाने से भी शिवजी प्रसन्न हो जाते हैं। लेकिन, कुछ चीजों ऐसी है जिन्हें भगवान शिव को भूलकर भी अर्पित नहीं करना चाहिए।
भगवान शिव का अभिषेक : भगवान शिव का अभिषेक आप लौटे में जल भर कर सकते हैं लेकिन इस बात का खास ख्याल रखें की कभी भी शंख में जल भरकर शिवजी का अभिषेक नहीं करना चाहिए। मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव ने शंखचूड़ नामक असुर का वध किया था। उसी की हड्डियों से शंख का निर्माण हुआ था। इसलिए भगवान शिव की पूजा में शंख का उपयोग नहीं करना चाहिए।
टूटे चावल न चढ़ाएं : भगवान शिव को हमेशा अक्षत चढ़ाने चाहिए अक्षत यानी की साबूत चावल भगवान शिव को भूलकर भी टूटा चावल नहीं चढ़ाना चाहिए। दरअसल टूटा हुआ चावल पूर्ण नहीं होता है इसे अशुद्ध माना जाता है। इसलिए यह शिवजी को अर्पित नहीं करना चाहिए।
नारियल का पानी न चढ़ाएं : भगवान शिव की पूजा में आप नारियल का उपयोग कर सकते हैं लेकिन, भगवान शिव पर कभी भी नारियल का पानी नहीं चढ़ाना चाहिए। साथ ही बात का भी ख्याल रखें की भगवान शिव को चढ़ाया गया नारियल कभी भी प्रसाद के रूप में ग्रहण नहीं करना चाहिए।
चढ़ाएं ये फूल : कहा जाता है कि भगवान शिव की पूजा में केतकी का फूल नहीं चढ़ाया जाता। मान्यता है कि एक बार भगवान शिव ने भगवान विष्णु और ब्रह्मा जी की परीक्षा ली थी। तब केतकी पुष्प ने ब्रह्माजी के पक्ष में झूठ बोला था। तभी से भगवान शिव को केतका का फूल चढ़ाना वर्जित है।
भूलकर भी न चढ़ाएं हल्दी सिंदूर और मेहंदी : ग्रंथों के मुताबिक भगवान शिव को कभी भी हल्दी मेहंदी और सिंदूर नहीं चढ़ाना चाहिए। दरअसल, ये चीजों स्त्रियों के श्रृंगार में काम आती है। शिव पौरुषत्व का प्रतीक है। इन चीजों का इस्तेमाल आप देवी की पूजा में कर सकते हैं।
खुद कभी न खाएं शिवलिंग पर चढ़ाया हुआ प्रसाद : मान्यता है कि जो भी चीज आप शिवलिंग पर चढ़ाएं उसे कभी भी ग्रहण नहीं करना चाहिए।