शरीर को बेहतर तरीके से काम करते रहने के लिए रोजाना आहार के माध्यम से कई प्रकार के विटामिंस और खनिजों की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को ऐसे आहार के चयन की सलाह देते हैं जिनसे इनकी आसानी से पूर्ति की जा सके। पोषक तत्वों की कमी के कारण शरीर में कई प्रकार के अल्पकालिक और दीर्घकालिक समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है, पर क्या आप जानते हैं कि इनकी अधिकता के भी गंभीर नुकसान हो सकते हैं? कुछ लोग अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए इनके सेवन का मात्रा बढ़ा देते हैं। इसके अलावा विटामिंस सप्लीमेंट्स की संयमित मात्रा का ध्यान न रखना भी आपके लिए और भी कई तरह की समस्याओं कारण बन सकता है।

विटामिन-डी : शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए विटामिन-डी वाली चीजों के सेवन को स्वास्थ्य विशेषज्ञ काफी लाभकारी मानते हैं। हालांकि यदि शरीर में इसकी मात्रा अधिक हो जाए तो इसके कारण विटामिन डी विषाक्तता का जोखिम हो सकता है। इसका मुख्य कारण रक्त में कैल्शियम की मात्रा का बढ़ जाना माना जाता है जिससे मतली और उल्टी, कमजोरी और बार-बार पेशाब आने जैसे समस्या हो सकती है। 

विटामिन-सी : विटामिन-डी की ही तरह से विटामिन-सी को भी शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक माना जाता है। विटामिन-सी, दांतों और त्वचा के साथ शरीर के अन्य अंगों के लिए भी आवश्यक है। वैसे तो अधिक मात्रा में आहार से प्राप्त विटामिन-सी को हानिकारक नहीं माना जाता है, पर इसकी अधिकता के कारण कुछ लोगों में दस्त, जी मिचलाने और उल्टी आदि का खतरा अधिक रहता है।

आयरन : आयरन एक ऐसा खनिज है जिसकी शरीर को वृद्धि और विकास के लिए आवश्यकता होती है। आपका शरीर आयरन का उपयोग हीमोग्लोबिन बनाने के लिए करता है। यदि आप इसकी अधिक मात्रा में सेवन करते रहते हैं तो इसके कारण  बहुत अधिक थकान महसूस होने, दिल के धडक़नों की अनियमितता, जोड़ों के दर्द, पेट दर्द और अस्पष्टीकृत रूप से वजन घटने जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।