लंदन : कंजर्वेटिव पार्टी के नेता और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के रूप में बोरिस जॉनसन की जगह लेने की दौड़ में ऋषि सुनक ने अपनी पकड़ मजबूत बना ली है। बृहस्पतिवार को दूसरे चरण के मतदान में वह 101 मतों के साथ पुन: विजयी हुए हैं। टोरी पार्टी के नेतृत्व की इस स्पर्धा में अब केवल पांच उम्मीदवार बचे हैं। भारतीय मूल की एटॉर्नी जनरल सुएला ब्रेवरमैन सबसे कम 27 मत प्राप्त होने के साथ ही इस दौड़ से बाहर हो गयी हैं। सांसदों द्वारा दूसरे चरण के मतदान के बाद आगे बढ़ती इस स्पर्धा में सुनक के अलावा व्यापार मंत्री पेनी मोरडुएंट  (83 वोट), विदेश मंत्री लिज ट्रस (64 वोट), पूर्व मंत्री केमी बाडेनोक (49 वोट) और कंजर्वेटिव पार्टी के नेता टॉम टुगेनडैट (32 वोट) बचे हैं। कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्यों के बीच मतदान के अगले पांच चरण पूरे होने के साथ आगामी बृहस्पतिवार तक केवल दो नेता इस दौड़ में रह जाएंगे। उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन का पीएम बनने के लिए ऋषि सुनक के सामने सबसे बड़ी चुनौती कंजरवेटिव पार्टी में अपना नेतृत्व स्थापित करने की है। दरअसल, कंजरवेटिव पार्टी में नेता चुनने की प्रक्रिया में एक कमेटी शामिल होती है। इस कमेटी के सदस्य पार्टी के सांसद ही होते हैं। नेता चुनने के लिए तीन स्तर की प्रक्रिया होती है, नॉमिनेशन, एलिमिनेशन और फाइनल सेलेक्शन। नॉमिनेशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, अब एलिमिनेशन राउंड चल रहा है। फिलहाल ऋषि सुनक इस रेस में आगे चल रहे हैं। उनकी टक्कर एक और भारतीय राजनेता सुएला ब्रेवरमैन से है। ब्रिटेन पीएमबनने के लिए 8 राजनेताओं ने अपनी उम्मीदवारी दाखिल की थी, जिनमें से दो उम्मीदवार एलिमिनेशन राउंड में बाहर हो गए हैं। बता दें कि एलिमिनेशन राउंड की वोटिंग बैलेट पेपर से होती है। इसमें 30 से कम वोट मिलेंगे वाले उम्मीदवार एलिमिनेट हो जाता है। ऋषि सुनक के पेरेंट्स पंजाब के रहने वाले थे, जो विदेश में जाकर बस गए। सुनक का जन्म ब्रिटेन के हैम्पशायर में हुआ था।