जोरहाट/गोलाघाट : गोलाघाट के जिला व सत्र न्यायाधीश की अदालत ने बृहस्पतिवार को वर्षाश्री बरगोहाईं द्वारा परीक्षा दिए जाने की अनुमति वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे सभी परीक्षाओं में शामिल होने के लिए जिला कारागार प्रबंधन को पूरी व्यवस्था करने का निर्देश दिया। उल्लेखनीय है कि वर्षाश्री ने गोलाघाट जिला कारागार प्रबंधन से परीक्षा देने की अनुमति प्रदान करने के लिए मांग की थी। इसे लेकर आज गोलाघाट के जिला व सत्र न्यायाधीश बिनोद कुमार चांडक ने सुनवाई करते हुए कारागार प्रबंधन को आरोपी वर्षाश्री को सभी परीक्षाओं में शामिल होने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं करने का निर्देश दिया। मालूम हो कि वर्षाश्री जोरहाट जिले के डीसीबी कॉलेज की छात्रा है। हाल ही में उसे फेसबुक पर राष्ट्र विद्रोही कविता पोस्ट करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। फिलहाल इस संदर्भ में गौहाटी उच्च न्यायालय में मामला लंबित है, जिस पर अगली सुनवाई 21 जुलाई को होनी है। इधर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के कारण गोलाघाट जिले के उरियामघाट पुलिस द्वारा गिरफ्तार होने के बाद पिछले लगभग दो महीने से जेल में बंद जोरहाट जिले के टियोक विस क्षेत्र अंतर्गत एजारगांव की निवासी वर्षाश्री को आज आखिर अदालत ने राहत दी। उल्लेखनीय है कि वर्षाश्री परीक्षा में बैठ पाएगी या नहीं, इसे लेकर पिछले कई दिनों से असमंजस की स्थिति चल रही थी। इतना ही नहीं, वर्षाश्री के अभिभावकों ने राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा को वर्षाश्री के शैक्षिक जीवन खत्म न करने के लिए गुहार भी लगाई थी। इसे लेकर पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर वर्षाश्री के समर्थन में और उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति देने के लिए विभिन्न लोगों तथा संगठनों ने अपील की थी। इसके बाद आज अदालत द्वारा दिए गए निर्देश के बाद वर्षाश्री को जमानत तो नहीं मिली, लेकिन उसका शिक्षा जीवन बरकरार रखने के रास्ते खुल गए। इधर वर्षाश्री कहां से परीक्षा देंगी, इसे लेकर अभी भी संशय बरकरार है। समाचार लिखे जाने तक वर्षाश्री को जेल से ही परीक्षा देने की अनुमति मिलने की सूचना मिली है। हालांकि परीक्षा के ऐन मौके पर यह फैसला बदल भी सकता है। वहीं दूसरी ओर वर्षाश्री की रिहाई और पढ़ाई को लेकर पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल का जबाव देते हुए राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि वर्षाश्री द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई कविता को लेकर उसे गिरफ्तार नहीं किया गया। मुख्यमंत्री का कहना था कि वर्षाश्री ने सोशल मीडिया पर अल्फा में योगदान करने का पोस्ट भी दिया था। साथ ही छात्रा ने राजद्रोह करने का पोस्ट भी शेयर किया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने उससे पूछताछ की थी तब उसने अल्फा में ज्वाइन करने की बात दोहराई थी। मुख्यमंत्री ने इस बात का हवाला देते हुए कहा कि जान-बूझकर एक युवती को कैसे अल्फा से जुडऩे दें। उनका कहना था कि अगर वर्षाश्री के अभिभावक तथा वह खुद अल्फा में ना जाने की आश्वासन देती है तो जरूर उसकी रिहाई हो सकती है। साथ ही मुख्यमंत्री का कहना था कि उसके साथ प्रशासन के लोग बातचीत कर रहे हैं। अगर आज उसे छोड़ दिया जाएगा और कल सुबह वह लापता हो जाएगी तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। साथ ही भविष्य में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देती है तो उसमें कई निर्दोष लोगों को जानमाल की क्षति भी होगी। ऐसे में मुख्यमंत्री होने के नाते मैं इतना बड़ा जोखिम नहीं उठा सकता हूं। साथ ही उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर खुलेआम अल्फा में जाने और राष्ट्रद्रोह की बात करने पर अगर किसी को गिरफ्तार नहीं करेंगे तो कानून व्यवस्था का क्या होगा। पत्रकारों द्वारा उसकी पढ़ाई को लेकर पूछे गए सवाल का जबाव देते हुए मुख्यमंत्री ने वर्षाश्री को सुझाव दिया कि वे परीक्षा में बैठे, नौकरी की तैयारी करे तथा एक खुशहाल जिंदगी व्यतीत करे, यही हम चाहते हैं। लेकिन राष्ट्रद्रोह और अल्फा जैसे संगठनों से जुडऩे की बात को कतई बर्दाश्त नहीं किया सकता। उनका कहना था कि अल्फा के कैंप में अबतक 42 युवक-युवती की मौत हो चुकी है। ऐसे में हम कैसे अपनी एक बेटी को मौत के मुंह में झोंक दें। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं कि छात्रा को कविता लिखने के कारण गिरफ्तार किया गया, लेकिन कविता के पीछे और कुछ भी है, जिसे लेकर उसे गिरफ्तार किया गया। मुख्यमंत्री ने इस तरह के अफवाह न फैलाने का सभी से आह्वान किया। वहीं मुख्यमंत्री ने अल्फा को भी बातचीत के लिए पुन: टेबल पर आने की बात कही।
राष्ट्रद्रोही पोस्ट का मामला : जेल में सजा काट रही छात्रा को अदालत ने दी परीक्षा में बैठने की अनुमति