कोलंबो : बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका के राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने वृहस्पतिवार को अपना इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद कोलंबो की सडक़ों पर जश्न का माहौल है। प्रदर्शनकारी गोतबाया के इस्तीफे को अपनी जीत के रूप में देख रहे हैं। वृहस्पतिवार देर रात कई लोग कोलंबों की सडक़ों पर निकले और जश्न मनाया। इस दौरान पटाखे फोड़े गए और  मस्ती में झूमते हुए भी लोग दिखाई दिए। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी अब कब्जाई गईं अहम सरकारी इमारतों से भी हटने लगे हैं। श्रीलंका के सुप्रीम कोर्ट ने आज एक अंतरिम आदेश जारी किया जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और पूर्व मंत्री बेसिल राजपक्षे को अदालत की अनुमति के बिना 28 जुलाई तक देश छोडऩे से रोका गया। श्रीलंका के संसद अध्यक्ष महिंदा यापा अभयवर्धने ने बताया कि गोतबाया राजपक्षे का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नया राष्ट्रपति चुने जाने तक प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में काम करेंगे। नए राष्ट्रपति के चुनाव के लिए सांसदों को कल  बुलाया गया है।  श्रीलंका के अंतरिम राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने शुक्रवार को राष्ट्रपति को संबोधित करने के लिए ‘महामहिम’ शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगाने का फैसला किया है। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति के झंडे को खत्म करने का एलान कर दिया है। उन्होंने अभूतपूर्व आर्थिक संकट से जूझ रहे द्वीपीय देश में लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा करने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। विक्रमसिंघे श्रीलंका के प्रधानमंत्री भी हैं। श्रीलंका में आर्थिक और राजनीतिक संकट के बीच श्रीलंका के राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे बृहस्पतिवार को सिंगापुर पहुंच गए। इससे पहले वह अपने देश से फरार होकर मालदीव पहुंच गए थे। इस मसले पर सिंगापुर सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि राजपक्षे यहां निजी यात्रा पर हैं, उन्हें कोई शरण नहीं दी गई है। सिंगापुर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस बात की पुष्टि हो गई है कि राजपक्षे को सिंगापुर में निजी यात्रा के तौर पर प्रवेश की अनुमति मिली है। बयान में कहा गया कि उन्होंने शरण की कोई मांग नहीं की और न ही उन्हें शरण दी गई है। सिंगापुर आमतौर पर शरण के अनुरोध को मंजूरी नहीं देता है। बृहस्पतिवार शाम 7 बजे राजपक्षे सऊदी एयरलाइंस के विमान एसवी-788 से पहुंचे। श्रीलंका के सांसद गेविंदु कुमारतुंगा ने बताया, नए राष्ट्रपति के चुनाव के लिए बुधवार को मतदान किया जाएगा। उन्होंने बताया, नया राष्ट्रपति चुनने के लिए एक कार्यक्रम तय कर दिया गया है। जल्द ही नामांकन भी प्राप्त हो जाएंगे। गोतबाया राजपक्षे के इस्तीफे के बाद पीएम रानिल विक्रमसिंघे ने देश के कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली।